– विधायक शिव अरोरा बोले- चार साल के लगातार प्रयास और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की विकासवादी सोच से मिली बड़ी सफलता, जल्द जारी होगा शासनादेश
– इंडिया नज़र ब्यूरो | रुद्रपुर – रुद्रपुर शहर में वर्षों से बनी जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। विधायक शिव अरोरा ने शुक्रवार को अपने कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की घोषणा में शामिल मास्टर ड्रेनेज प्लान के लिए 786.79 करोड़ रुपये की डीपीआर (DPR) को स्वीकृति मिल गई है। इसके प्रथम चरण के लिए 441.79 करोड़ रुपये की मंजूरी प्रदान की गई है। मुख्यमंत्री की अंतिम स्वीकृति के बाद जल्द ही शासनादेश जारी होने की उम्मीद है।
विधायक शिव अरोरा ने इसे रुद्रपुर के इतिहास में एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताते हुए कहा कि वर्ष 2022 में विधायक बनने से पहले उन्होंने जनता के सामने 13 प्रमुख संकल्प रखे थे, जिनमें शहर को जलभराव की समस्या से स्थायी राहत दिलाना प्रमुख था। उन्होंने कहा कि वर्ष 2021 की भीषण जल त्रासदी को उन्होंने स्वयं करीब से देखा था, जब शहर के कई इलाके जलमग्न हो गए थे और लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा था। तभी उन्होंने इस समस्या के स्थायी समाधान का संकल्प लिया।

2022 से लगातार किया गया पत्राचार
विधायक ने बताया कि विधायक बनने के बाद 31 अक्टूबर 2022 को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को दिए गए 10 सूत्रीय प्रस्तावों में मास्टर ड्रेनेज प्लान को प्रमुखता से शामिल किया गया। इसके बाद 22 नवंबर 2022 को जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए सर्वे की प्रक्रिया शुरू कराई गई। उन्होंने बताया कि 30 दिसंबर 2022 को सिंचाई विभाग के अधीक्षण अभियंता को लिखे पत्र के माध्यम से जानकारी मिली कि वीकेएस इंफ्राटेक कंपनी को लगभग 76 लाख रुपये में सर्वे का कार्य सौंपा गया है, जिसे 245 दिनों में पूरा किया जाना था। इसके बाद 17 मई 2023 को इस योजना को मुख्यमंत्री घोषणा में शामिल किया गया। वर्ष 2024 में भी उन्होंने चरणबद्ध तरीके से योजना को आगे बढ़ाने के लिए लगातार पत्राचार किया तथा विधानसभा में नियम-53 के तहत यह मुद्दा उठाया। सर्वे पूरा होने के बाद 15 जनवरी 2025 को सिंचाई विभाग को डीपीआर सौंप दी गई।
पहले चरण में 84 नालों का होगा निर्माण
विधायक शिव अरोरा ने बताया कि प्रथम चरण में 441.79 करोड़ रुपये की लागत से कार्य शुरू होगा, जिसमें पहले चरण के तहत 184.41 करोड़ रुपये के कार्यों के लिए टेंडर जारी किए जाएंगे। इस चरण में वार्ड संख्या 1 से 13, 16 से 22 और 27 से 39 तक के क्षेत्रों को शामिल किया गया है। इनमें ट्रांजिट कैंप, रमपुरा, खेड़ा, संजय नगर खेड़ा, जगतपुरा, आवास विकास, रविंद्र नगर, दूधिया नगर, बिगवाड़ा, इंद्रा कॉलोनी, घास मंडी और गांधी कॉलोनी सहित कई प्रमुख इलाके शामिल हैं। योजना के तहत 23 पुराने नालों का पुनर्निर्माण एवं चौड़ीकरण किया जाएगा, जबकि 61 नए नालों का निर्माण होगा। कुल 84 नाले लगभग 21.9 किलोमीटर लंबाई में बनाए जाएंगे, जिससे बरसात के दौरान जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जा सके।

“जनता से किया हर वादा पूरा हो रहा है” : शिव अरोरा
विधायक शिव अरोरा ने कहा कि रुद्रपुर की जनता से किए गए एक-एक संकल्प अब पूरे हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह सफलता मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की विकासोन्मुखी सोच और पिछले चार वर्षों से किए गए निरंतर प्रयासों का परिणाम है।
उन्होंने कहा कि मास्टर ड्रेनेज प्लान जैसी बड़ी परियोजना को जमीन पर उतारना आसान नहीं था, लेकिन सरकार पर विश्वास और लगातार प्रयासों के कारण अब इसका पहला चरण स्वीकृत हो चुका है। उन्होंने विश्वास जताया कि वर्ष 2026 में ही इस परियोजना का निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
विधायक शिव अरोरा ने इस उपलब्धि के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में रुद्रपुर के विकास को नई गति मिली है। उन्होंने कहा कि जलभराव जैसी वर्षों पुरानी समस्या का समाधान अब वास्तविकता बनने जा रहा है, जिससे लाखों नागरिकों को राहत मिलेगी।
पत्रकार वार्ता के दौरान सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता भरत डांगी, सहायक अभियंता विजय पाल, अपर सहायक अभियंता सुरेश कुमार सहित विभागीय अधिकारी भी मौजूद रहे।



















