– शपथ ग्रहण के बाद अध्यक्ष राजेश प्रताप सिंह ने संभाला कार्यभार, बोले—बिना भेदभाव हर वार्ड का होगा विकास
– इंडिया नज़र ब्यूरोकिच्छा – नगर पालिका परिषद किच्छा में नवनिर्वाचित अध्यक्ष राजेश प्रताप सिंह और सभासदों के शपथ ग्रहण के बाद नई बोर्ड का कार्यकाल उत्साह के साथ शुरू हो गया। शपथ ग्रहण समारोह में विधायक तिलक राज बेहड़ की मौजूदगी ने कार्यक्रम को राजनीतिक रूप से भी खास बना दिया। अध्यक्ष और सभासदों ने पद एवं गोपनीयता की शपथ लेने के बाद अपनी जिम्मेदारियां संभालीं। इसके बाद पहली बोर्ड बैठक को लेकर भी उत्साह का माहौल देखने को मिला।
समारोह में नगर के विभिन्न वार्डों से बड़ी संख्या में नागरिक शामिल हुए और नवनिर्वाचित अध्यक्ष व सभासदों को शुभकामनाएं दीं। इस दौरान भाजपा के कई नेता भी कार्यक्रम में पहुंचे और नई बोर्ड को बधाई दी। राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर नगर के विकास के लिए मिलकर काम करने का संदेश भी सामने आया।

विकास के मुद्दों पर रहेगा विशेष फोकस : राजेश प्रताप सिंह
कार्यभार संभालने के बाद नवनिर्वाचित अध्यक्ष राजेश प्रताप सिंह ने स्पष्ट किया कि उनके लिए नगर का विकास सर्वोपरि है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के सभासदों के साथ ही भाजपा से जीतकर आए सभी सभासदों को भी वह एक परिवार का हिस्सा मानते हैं। नगर पालिका में किसी भी प्रकार का भेदभाव नहीं होगा और सभी वार्डों में जनहित के कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी।
उन्होंने कहा कि नगरवासियों को स्वच्छता, पेयजल, बिजली, सड़क और जल निकासी जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल रहेगा। नगर की समस्याओं को चिह्नित कर उनके समाधान के लिए प्रयास किए जाएंगे, ताकि लोगों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।

जनता के सुझावों से बनेगी विकास की कार्ययोजना
राजेश प्रताप सिंह ने उन्हें जीत दिलाने के लिए नगरवासियों का आभार जताते हुए कहा कि ”जनता ने जो विश्वास और आशीर्वाद दिया है, वह उनके लिए बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि वह जनता की उम्मीदों पर खरा उतरने का पूरा प्रयास करेंगे। नगर के विकास में नागरिकों के सुझावों को भी महत्व दिया जाएगा और समस्याओं के समाधान के लिए संवाद कायम रखा जाएगा।”
विधायक तिलक राज बेहड़ की मौजूदगी और नवनिर्वाचित बोर्ड के उत्साह के बीच किच्छा की इस ‘छोटी सरकार’ ने विकास और जनसेवा के संकल्प के साथ अपनी पारी शुरू की। अब नगरवासियों की निगाहें नई बोर्ड के कामकाज और बुनियादी समस्याओं के समाधान पर टिकी हैं।






















