– इंडिया नज़र ब्यूरोरुद्रपुर – रुद्रपुर में लगातार बढ़ रहे सड़क हादसों के बीच शनिवार देर रात नैनीताल रोड पर हुआ एक दर्दनाक हादसा पूरे शहर को झकझोर गया। एसजीएडी कॉम्प्लेक्स के सामने सड़क पार करते समय जेसीबी की चपेट में आने से 29 वर्षीय विमला की मौके पर ही मौत हो गई। इस हृदयविदारक घटना की सबसे दर्दनाक बात यह रही कि हादसे के समय उनकी छह वर्षीय बेटी भी उनके साथ थी, जिसने अपनी आंखों के सामने अपनी मां को तड़पते हुए दम तोड़ते देखा।
मूल रूप से भिकियासैंण निवासी और वर्तमान में रविन्द्रनगर, रुद्रपुर में रहने वाली विमला सिडकुल की एक कंपनी में कार्यरत थीं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार सड़क पार करते समय अचानक जेसीबी की चपेट में आने से वह गंभीर रूप से घायल हो गईं और उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। उनकी मासूम बेटी बाल-बाल बच गई, लेकिन मां को खोने का सदमा उसकी पूरी जिंदगी पर गहरा असर छोड़ गया है।

घटना की जानकारी मिलने पर सामाजिक कार्यकर्ता सुशील गाबा पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे और शोक संतप्त परिवार से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी। इस दौरान उन्होंने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए।
सुशील गाबा ने कहा, “रुद्रपुर धीरे-धीरे दुर्घटनाओं का शहर बनता जा रहा है। पिछले कई वर्षों से नैनीताल रोड पर डिवाइडर बनने के बाद लोगों की आवाजाही बेहद जोखिमपूर्ण हो गई है। आम नागरिकों के पास सड़क पार करने का कोई सुरक्षित विकल्प नहीं है, इसलिए वे मजबूरी में जान जोखिम में डालकर डिवाइडर पार करते हैं। दुर्भाग्यपूर्ण बात यह है कि जनप्रतिनिधियों और संबंधित विभागों ने इस समस्या को गंभीरता से नहीं लिया।”
उन्होंने कहा, “बीती रात जो हुआ, वह एक हादसा नहीं बल्कि व्यवस्था की विफलता का परिणाम है। एक छह साल की बच्ची ने अपनी मां को अपनी आंखों के सामने खो दिया। इस पीड़ा की भरपाई कोई नहीं कर सकता। यदि समय रहते सुरक्षित क्रॉसिंग, ट्रैफिक नियंत्रण और उचित व्यवस्थाएं की गई होतीं तो शायद आज विमला हमारे बीच होतीं।”
सुशील गाबा ने प्रशासन और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण से मांग करते हुए कहा कि एसजीएडी कॉम्प्लेक्स के सामने बंद किए गए कट को पुनः खोला जाए अथवा वहां सुरक्षित पैदल पार मार्ग बनाया जाए। इसके अलावा जेब्रा क्रॉसिंग, स्थायी ट्रैफिक सिग्नल, यातायात पुलिस की नियमित तैनाती और पूरे नैनीताल रोड पर सड़क सुरक्षा उपायों को मजबूत किया जाए ताकि भविष्य में किसी अन्य परिवार को इस तरह का दर्द न झेलना पड़े।
उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल प्रशासनिक विषय नहीं, बल्कि लोगों की जिंदगी से जुड़ा संवेदनशील मुद्दा है और अब इस दिशा में तत्काल एवं प्रभावी कदम उठाए जाने की आवश्यकता है।



















