– सीडीओ के साथ निर्माणाधीन भवन का निरीक्षण, केंद्रीय विद्यालय संचालन के लिए दिल्ली भेजा गया प्रस्ताव “अनुमति मिलते ही इसी शैक्षणिक सत्र से शुरू कराने का प्रयास” – विधायक शिव अरोरा
– इंडिया नज़र ब्यूरो | रुद्रपुर – रुद्रपुर क्षेत्र के लिए बहुप्रतीक्षित केंद्रीय विद्यालय की स्थापना अब अंतिम चरण में पहुंचती दिखाई दे रही है। प्रदेश केंद्रीय विद्यालय संगठन द्वारा सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर संयुक्त आयुक्त (कार्मिक), केंद्रीय विद्यालय संगठन, नई दिल्ली को विद्यालय संचालन की अनुमति के लिए पत्र भेज दिया गया है। अनुमति मिलते ही समाज कल्याण विभाग की अस्थायी इमारत में केंद्रीय विद्यालय का संचालन शुरू किया जाएगा।
इसी क्रम में विधायक शिव अरोरा ने मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) दिवेश शाशनी के साथ ब्लॉक रोड स्थित समाज कल्याण विभाग की उस इमारत का निरीक्षण किया, जिसे केंद्रीय विद्यालय के अस्थायी परिसर के रूप में विकसित किया जा रहा है। यह भवन पूर्व में कामकाजी महिलाओं के हॉस्टल के रूप में उपयोग में लाया जाता था। निरीक्षण के दौरान विधायक और सीडीओ ने भवन के विभिन्न हिस्सों का जायजा लिया। अधिकारियों ने बताया कि केंद्रीय विद्यालय संगठन के मानकों के अनुरूप भवन का विकास कार्य युद्धस्तर पर किया जा रहा है और लगभग 40 श्रमिक प्रतिदिन निर्माण कार्य में लगे हुए हैं।

मुख्य विकास अधिकारी दिवेश शाशनी ने बताया कि भवन में सुरक्षा, शैक्षणिक सुविधाओं और अन्य सभी आवश्यक मानकों का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि अगले 15 दिनों के भीतर भवन का निर्माण कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा, जिसके बाद विद्यालय संचालन के लिए यह पूरी तरह तैयार होगा।
विधायक शिव अरोरा ने कहा कि रुद्रपुर क्षेत्र के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से उन्होंने केंद्रीय विद्यालय की स्थापना का प्रस्ताव मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और सांसद अजय भट्ट के समक्ष रखा था। उनके प्रयासों और मार्गदर्शन से यह परियोजना अब मूर्त रूप लेती दिखाई दे रही है।
उन्होंने बताया कि सांसद अजय भट्ट के विशेष प्रयासों से रुद्रपुर के लिए केंद्रीय विद्यालय की स्वीकृति मिली थी। इसके अलावा केंद्रीय विद्यालय के स्थायी परिसर हेतु आदित्य नाथ झा कॉलेज में पांच एकड़ भूमि भी जिला प्रशासन द्वारा विद्यालय के नाम हस्तांतरित की जा चुकी है, जिससे भूमि संबंधी सभी औपचारिकताएं पूरी हो गई हैं।
विधायक शिव अरोरा ने कहा कि केंद्रीय विद्यालय के लिए दो प्रमुख मानक होते हैं—पहला, विद्यालय के नाम पांच एकड़ भूमि होना और दूसरा, शुरुआती संचालन के लिए एक उपयुक्त अस्थायी भवन उपलब्ध होना। दोनों मानकों को अब पूरा कर लिया गया है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश केंद्रीय विद्यालय संगठन की उपायुक्त प्रीति सक्सेना ने भी रुद्रपुर में विद्यालय संचालन के प्रस्ताव पर सहमति जताते हुए इसे अंतिम स्वीकृति के लिए केंद्रीय विद्यालय संगठन, नई दिल्ली भेज दिया है।
शिव अरोरा ने विश्वास जताया कि जल्द ही केंद्र सरकार से अनुमति प्राप्त होगी और प्रयास रहेगा कि इसी शैक्षणिक सत्र से केंद्रीय विद्यालय का संचालन शुरू हो जाए। उन्होंने कहा कि सांसद अजय भट्ट से भी इस संबंध में विशेष आग्रह किया जाएगा ताकि अनुमति प्रक्रिया शीघ्र पूरी हो सके।
विधायक ने कहा कि रुद्रपुर में केंद्रीय विद्यालय की स्थापना शिक्षा के क्षेत्र में एक मील का पत्थर साबित होगी और क्षेत्र के हजारों विद्यार्थियों को उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा का लाभ मिलेगा।
निरीक्षण के दौरान जिला विकास प्राधिकरण के अधिशासी अभियंता नवीन नवानी, व्यापार मंडल कोषाध्यक्ष संदीप राव, विक्की घई, मयंक कक्कड़ सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।




















