– अधिवक्ता अंजू की शिकायत पर BNS की धारा 196, 299 और SC/ST एक्ट के तहत मुकदमा, SP क्राइम डॉ. जगदीश चंद्र करेंगे जांच
– इंडिया नज़र ब्यूरो हल्द्वानी। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की हल्द्वानी के रामलीला मैदान में हुई जनसभा के बाद सामने आए कथित ‘शुद्धिकरण’ विवाद ने अब नया मोड़ ले लिया है। मामले में हल्द्वानी कोतवाली पुलिस ने पहली FIR दर्ज कर ली है। अधिवक्ता अंजू की शिकायत पर पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करते हुए जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार, मामले में जातिगत भेदभाव, सामाजिक अपमान तथा अनुसूचित जाति के व्यक्ति के प्रति घृणा और हीनता का भाव रखने से संबंधित आरोपों की जांच की जा रही है। मुकदमा भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 196 और 299 के साथ ही अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धारा 3(1)(R) के तहत दर्ज किया गया है। मामले की जांच एसपी क्राइम डॉ. जगदीश चंद्र को सौंपी गई है।

क्या है पूरा मामला ?
दरअसल, 8 अगस्त 2026 को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने हल्द्वानी के रामलीला मैदान में एक जनसभा को संबोधित किया था। इसके बाद उसी मैदान में कथित तौर पर धार्मिक अनुष्ठान और ‘शुद्धिकरण’ किए जाने को लेकर विवाद खड़ा हो गया। कांग्रेस ने इसे जातिगत भेदभाव और दलित समाज के अपमान से जोड़ते हुए दोषियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की थी।
मामले को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने हल्द्वानी समेत प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में प्रदर्शन किए और पुलिस को शिकायतें देकर कार्रवाई की मांग की। 31 अगस्त को कांग्रेस की ओर से प्रदेशभर के थानों और चौकियों में भी तहरीर देने का अभियान चलाया गया था।

खड़गे ने भी उठाया था मामला
शुद्धिकरण विवाद को लेकर मल्लिकार्जुन खड़गे ने राज्यसभा में भी मामला उठाया था। बाद में उन्होंने बीजेपी के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा में सदन के नेता जेपी नड्डा को पत्र लिखकर कार्रवाई में कथित देरी पर सवाल उठाए थे। खड़गे ने कहा था कि घटना के कई दिन बीत जाने के बावजूद FIR दर्ज नहीं की गई है और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होनी चाहिए।
बेंगलुरु में भी दर्ज हो चुकी है जीरो FIR
इस विवाद ने उत्तराखंड से बाहर भी राजनीतिक और कानूनी तूल पकड़ा है। 4 सितंबर को बेंगलुरु के विधान सौधा पुलिस थाने में उत्तराखंड बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट समेत कुछ भाजपा नेताओं और अन्य लोगों के खिलाफ कथित शुद्धिकरण मामले में जीरो FIR दर्ज की गई थी। यह शिकायत कांग्रेस के एसटी विभाग से जुड़े टी.आर. रामप्पा की ओर से दी गई थी।
अब हल्द्वानी पुलिस की जांच पर नजर
हल्द्वानी कोतवाली में दर्ज नई FIR के बाद पुलिस अब पूरे मामले से जुड़े वीडियो, शिकायतों, मौके पर मौजूद लोगों और कथित अनुष्ठान में शामिल व्यक्तियों की भूमिका की जांच करेगी। पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि घटना में कौन-कौन लोग शामिल थे और लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है। FIR दर्ज होने के बाद हल्द्वानी का यह मामला एक बार फिर राजनीतिक रूप से गरमाने के आसार हैं। कांग्रेस इसे जातिगत भेदभाव का मामला बताते हुए कार्रवाई की मांग करती रही है, जबकि पूरे प्रकरण में आरोपित पक्ष का पक्ष जांच के दौरान सामने आना बाकी है।



















