
– एसएसपी का महिला-बाल अपराधियों को कड़ा संदेश
– कहीं भी छुपा हो अपराधी ढूंढ ही लाएगी पुलिस
– पच्चीस हज़ार का इनामी था आरोपी
– ऊधमसिंहनगर पुलिस बिहार बॉर्डर से पकड़ लाई
– इंडिया नज़ररुद्रपुर – जनपद के किच्छा थानांतर्गत नाबालिग के अपहरण में पिछले 21 सालो से फरार चल रहे पच्चीस हज़ार रूपये के ईनामी अभियुक्त को जिले के पुलिस बिहार बॉर्डर से गिरफ्तार करके ले आई। यह सब कुछ हुआ एसएसपी मणिकांत मिश्रा की कुशल रणनीति से, अब यह अपराधी जेल की सलाखों के पीछे है।
आपको बता दे कि 12 मार्च 2003 को वादी विजेंद्र पुत्र रामसुंदर मूल निवासी गांव सेलोर थाना गोधनी जिला सिवान बिहार हाल निवासी चूकटी देवरिया थाना किच्छा उधम सिंह नगर ने थाने पर आकर तहरीर दी कि ”मेरी नाबालिक पुत्री जो 13 वर्ष की है, प्राथमिक विद्यालय ग्राम चुकटी देवरिया में कक्षा 3 में पढ़ती है और रोज की तरह स्कूल गई थी और शाम को घर वापस नहीं लौटी है।”

रिपोर्ट में कहा गया था कि ”खोजबीन करने पर पता चला कि उसकी पुत्री को सुरेंद्र महतो पुत्र सरल महत्व मूल निवासी थाना महुआ थाना बरमटियागंज जिला बिहार बहला फुसलाकर ले गया है। मेरी सूचना दर्ज कर पुत्री को बरामद करके दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाये, यह यह मुकदमा थाना किच्छा में अंतर्गत धारा 363/ 366 आईपीसी के तहत दर्ज हुआ था।”
विवेचना के दौरान यह तथ्य प्रकाश में आया कि अभियुक्त सुरेंद्र महतो और उसके छोटे भाई छोटेलाल द्वारा नाबालिग का अपहरण किया तथा इस पर वर्ष 2004 में अभियुक्त छोटेलाल को गिरफ्तार कर पुलिस द्वारा जेल भेजा गया था तथा तभी से अभियुक्त सुरेंद्र महतो लगातार फरार चल रहा था व पुलिस गिरफ्तारी से बच रहा था ।
14 अक्टूबर 2004 को अभियुक्त सुरेंद्र महतो को माननीय न्यायालय द्वारा मफ़रूर घोषित किया गया तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ऊधमसिंहनगर द्वारा अभियुक्त की गिरफ्तारी पर 500/- का नगद इनाम घोषित किया गया था।
वर्ष 2004 से लेकर वर्तमान तक जनपद ऊधम सिंह नगर से कई बार पुलिस टीम अभियुक्त की गिरफ्तारी हेतु बिहार व उत्तर प्रदेश भेजी गई थी, किंतु बार-बार अभियुक्त पुलिस गिरफ्तारी से बचकर भागने में सफल हो जा रहा था।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक द्वारा पिछले 21 वर्षों से लगातार फरार चल रहे अभियुक्त की गिरफ्तारी पर स्वयं संज्ञान लेकर रु 500/- से 25000/- रूपये का इनाम बढ़ाया और वांछित अभियुक्त की गिरफ्तारी के लिए स्वयं टीम गठित की।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक द्वारा, पुलिस अधीक्षक नगर और क्षेत्राधिकारी सितारगंज के पर्यवेक्षण में प्रभारी निरीक्षक सुंदरम शर्मा किच्छा के निर्देशन में लगातार प्रयास करते हुए बिहार राज्य, उत्तर प्रदेश राज्य और झारखंड राज्य ,छत्तीसगढ़ राज्य जहां भी अभियुक्त के छुपने की संभावना थी। वहां जाकर अभियुक्त को तलाश करने का प्रयास किया और सभी राज्यों की पुलिस व मुखबिरों को इस बारे में जानकारी दी।
पुलिस टीम को सूचना मिली कि उत्तर प्रदेश राज्य के गोरखपुर जिले में फरार अभियुक्त सुरेंद्र महतो देवरिया जिले में छिपकर रह रहा है। पुलिस टीम यहां से रवाना हुई और उसने अभियुक्त को ग्राम चंदौली थाना सुरौली जनपद देवरिया उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस की पूछताछ में अभियुक्त ने अपने जुर्म की स्वीकारोक्ति करते हुए बताया कि ”साहब जब मैंने यह अपराध किया था तो उस समय मेरी उम्र 40 साल के लगभग थी। मेरे छोटे भाई के कहने पर मेरे से यह गलती हुई थी। मैं किच्छा में चुटकी देवरिया में ठेकेदारी का काम करता था। तब हम दोनों एक नाबालिक लड़की लेकर बिहार भाग गए थे। उसके बाद में बिहार से झारखंड में जाकर छिप गया था। वहां मैं धान रोपने का काम करता था फिर काफी समय में गोरखपुर भी छुप कर रहा और अब मैं देवरिया में दिहाड़ी मजदूरी का काम कर रहा था। इतने साल बीत गए तो मुझे लगा कि पुलिस अब मुझे कभी गिरफ्तार नहीं कर पाएगी।”
पुरानी कहावत है कि अपराधी कितना भी शातिर क्यों न हो लेकिन खाकी अपराधी को ढूंढ ही लेती है। इस गिरफ्तारी से एसएसपी मणिकांत मिश्रा और पुलिस टीम की प्रशंसा की जा रही है।





















