– महंगाई, भ्रष्टाचार, कथित वोट चोरी और अंकिता भंडारी हत्याकांड के मुद्दे उठाए; किच्छा में यशपाल आर्य के आरोपों से गरमाई सियासत, यात्रा में हरीश रावत की गैरमौजूदगी चर्चा में
– इंडिया नज़र ब्यूरोअल्मोड़ा/ऊधम सिंह नगर – उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने भाजपा सरकार के खिलाफ राजनीतिक अभियान तेज कर दिया है। अल्मोड़ा स्थित गोल्ज्यू देवता मंदिर में दर्शन के बाद कांग्रेस ने अपनी न्याय यात्रा का आगाज किया। यात्रा के जरिए पार्टी ने महंगाई, भ्रष्टाचार, कथित वोट चोरी, कानून व्यवस्था और अंकिता भंडारी हत्याकांड जैसे मुद्दों को उठाते हुए प्रदेश सरकार से जवाबदेही तय करने की मांग की।
अल्मोड़ा से शुरू हुई यह न्याय यात्रा नैनीताल और ऊधम सिंह नगर जिले के विभिन्न शहरों से होकर गुजरेगी। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार यात्रा किच्छा से सितारगंज और खटीमा होते हुए जसपुर पहुंचेगी, जहां इसका समापन प्रस्तावित है। यात्रा में नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा, प्रदेश प्रभारी कुमारी सैलजा, वरिष्ठ नेता प्रकाश जोशी, विधायक भुवन कापड़ी और तिलक राज बेहड़ समेत पार्टी के कई नेता शामिल हुए। नेताओं के काफिले में बड़ी संख्या में वाहन भी नजर आए।

न्याय यात्रा के दौरान कांग्रेस नेताओं ने प्रदेश में बढ़ती महंगाई, भ्रष्टाचार के आरोपों, कानून व्यवस्था और कथित वोट चोरी के मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। अंकिता भंडारी हत्याकांड का मामला भी नेताओं के संबोधनों में प्रमुख रहा। कांग्रेस ने इन मुद्दों को लेकर सरकार की जवाबदेही तय करने और जनता के सामने स्थिति स्पष्ट करने की मांग की।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि न्याय यात्रा का उद्देश्य प्रदेश की जनता से जुड़े सवालों को व्यापक स्तर पर उठाना और सरकार तक जनता की आवाज पहुंचाना है। पार्टी का दावा है कि यात्रा के माध्यम से विभिन्न क्षेत्रों में लोगों से संवाद कर उनकी समस्याओं को सामने लाया जाएगा।
ऊधम सिंह नगर जिले के किच्छा पहुंची न्याय यात्रा के दौरान नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने दुष्यंत गौतम को लेकर भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए। आर्य ने आरोप लगाया कि दुष्यंत गौतम को बचाने के उद्देश्य से उन्हें राज्यपाल बनाया गया है। कांग्रेस नेता के इस बयान ने यात्रा के दौरान राजनीतिक चर्चा को और तेज कर दिया। आर्य के आरोपों को कांग्रेस ने भाजपा सरकार को घेरने के अपने अभियान से जोड़ा। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि इस खबर में उपलब्ध जानकारी के आधार पर नहीं की गई है। संबंधित पक्ष का जवाब मिलने पर उसे भी खबर में शामिल किया जाना चाहिए।

तिलक राज बेहड़ ने उठाए जनसमस्याओं के मुद्दे
न्याय यात्रा में शामिल विधायक तिलक राज बेहड़ की मौजूदगी भी महत्वपूर्ण रही। यात्रा के दौरान कांग्रेस ने महंगाई, भ्रष्टाचार, कानून व्यवस्था और जनता से जुड़े मुद्दों को केंद्र में रखा। पार्टी नेताओं का कहना है कि इन सवालों पर सरकार को जवाब देना चाहिए और जनता की समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करना चाहिए। किच्छा सहित ऊधम सिंह नगर के विभिन्न क्षेत्रों से गुजरने वाली यात्रा के जरिए कांग्रेस स्थानीय स्तर पर भी अपने राजनीतिक अभियान को विस्तार देने की कोशिश कर रही है।
कुमारी सैलजा की मौजूदगी में कांग्रेस ने दिखाई एकजुटता
कांग्रेस की प्रदेश प्रभारी कुमारी सैलजा भी न्याय यात्रा में शामिल हुईं। उनके साथ प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य और अन्य वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी को पार्टी के इस अभियान के महत्वपूर्ण हिस्से के रूप में देखा जा रहा है। यात्रा में कांग्रेस नेताओं ने एकजुट होकर प्रदेश सरकार के खिलाफ विभिन्न मुद्दे उठाए। पार्टी का कहना है कि न्याय यात्रा केवल राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनता के सवालों को सामने लाने का माध्यम है। यात्रा के आगामी पड़ावों पर भी कांग्रेस नेताओं की ओर से सरकार को घेरने की रणनीति जारी रहने की संभावना है।

हरीश रावत की गैरमौजूदगी बनी चर्चा का विषय
न्याय यात्रा को लेकर एक और बात राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय रही। यात्रा के शुरुआती कार्यक्रम में जिन वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं के नाम शामिल बताए गए थे, उनमें पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत का नाम भी था। हालांकि, यात्रा के दौरान उनकी गैरमौजूदगी नजर आई। हरीश रावत की अनुपस्थिति के कारणों को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी उपलब्ध नहीं है। ऐसे में उनकी गैरमौजूदगी को लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। फिर भी, वरिष्ठ नेता की अनुपस्थिति ने राजनीतिक चर्चाओं को जरूर जन्म दिया है।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार कांग्रेस की न्याय यात्रा किच्छा से आगे बढ़ते हुए सितारगंज और खटीमा पहुंचेगी। इसके बाद यात्रा जसपुर में समाप्त होगी। अब यात्रा के आगामी पड़ावों पर कांग्रेस किन मुद्दों को प्रमुखता से उठाती है और सरकार की ओर से इन आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया आती है, इस पर राजनीतिक नजरें रहेंगी।





















