– इंडिया नज़र ब्यूरोरुद्रपुर – भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने कहा कि देश के विभाजन की सबसे बड़ी पीड़ा पंजाबी और सिख समाज ने झेली, लेकिन तमाम कठिनाइयों के बावजूद समाज ने अपने पुरुषार्थ, मेहनत और पराक्रम से खुद को दोबारा स्थापित किया और उत्तराखंड की तराई को समृद्ध बनाने में ऐतिहासिक योगदान दिया।
रामपुर रोड स्थित आर्क होटल में आयोजित पंजाबी गौरव सम्मेलन को संबोधित करते हुए नितिन नबीन ने कहा कि विभाजन के बाद हजारों परिवार अपना सब कुछ छोड़कर तराई में आकर बसे और अपनी मेहनत से खेतों को आबाद करने के साथ कारोबार खड़े किए। आज तराई उत्तराखंड के अन्न भंडार के रूप में जानी जाती है, जिसकी नींव मजबूत करने में पंजाबी-सिख समाज की बड़ी भूमिका रही है।

उन्होंने उत्तराखंड की सिख विरासत को नमन करते हुए नानकमत्ता साहिब, हेमकुंड साहिब और रीठा साहिब का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि गुरु नानक देव जी की पवित्र परंपरा और सिख समाज की सेवा, साहस, भाईचारे एवं बलिदान की भावना पूरे देश के लिए प्रेरणादायी है।
नितिन नबीन ने करतारपुर साहिब कॉरिडोर और साहिबजादों के बलिदान की स्मृति में वीर बाल दिवस मनाए जाने का उल्लेख करते हुए केंद्र सरकार के फैसलों को सिख समाज की आस्था और इतिहास से जोड़कर बताया। उन्होंने 1984 के सिख विरोधी दंगों का जिक्र करते हुए कहा कि निर्दोष सिखों के साथ जो हुआ, देश उसे कभी नहीं भूल सकता। उन्होंने कहा कि वर्षों से लंबित मामलों को आगे बढ़ाने के लिए वर्ष 2015 में एसआईटी का गठन किया गया।

भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष ने गोविंदघाट-हेमकुंड साहिब रोपवे परियोजना का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि करीब 2700 करोड़ रुपये की प्रस्तावित परियोजना से श्रद्धालुओं के लिए हेमकुंड साहिब की यात्रा सुगम होगी और बुजुर्ग एवं कमजोर श्रद्धालुओं को विशेष सुविधा मिलेगी।
नशामुक्ति को लेकर किया आह्वान
नितिन नबीन ने पंजाब समेत देश में बढ़ती नशे की समस्या को गंभीर चुनौती बताते हुए पंजाबी-सिख समाज से नशामुक्ति अभियान में अग्रणी भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि युवाओं को शिक्षा, खेल, स्वरोजगार और सकारात्मक गतिविधियों से जोड़कर नशे के खिलाफ लड़ाई को जनआंदोलन बनाना होगा। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के विकास और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण का जिक्र करते हुए कहा कि विकसित भारत के निर्माण में पंजाबी और सिख समाज की भूमिका महत्वपूर्ण रहेगी। साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की कार्यशैली की भी सराहना की।
कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन, अमर शहीद सरदार ऊधम सिंह के चित्र पर पुष्प अर्पित करने और सामूहिक वंदे मातरम् गायन के साथ हुई। सम्मेलन की अध्यक्षता हरविंदर सिंह विर्क ने की।



















