– इंडिया नज़र ब्यूरो देहरादून/किच्छा – वीर चन्द्र सिंह गढ़वाल विश्वविद्यालय, भरसार की छात्रा एवं पंतनगर हॉस्पिटल कॉलोनी निवासी श्री रामनिवास यादव की पुत्री कु० मधु यादव की उपचार के दौरान हुई दुखद मृत्यु के प्रकरण में विगत दिवस देहरादून में विधायक तिलक राज बेहड़ ने मुख्य सचिव, उत्तराखंड सरकार को पत्र प्रस्तुत कर पूरे मामले की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराए जाने की मांग की है।
विधायक बेहड़ ने बताया कि मधु यादव की माता श्रीमती सुनीता यादव द्वारा उन्हें दिए गए शिकायती पत्र में उपचार के दौरान गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए गए हैं। शिकायत के अनुसार 27 अगस्त की रात मधु की तबीयत खराब हुई थी। 29 अगस्त को वह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पावौ पहुंचीं, जहां फिजिशियन के उपस्थित न होने पर अन्य चिकित्सक द्वारा दवा दी गई। इसके बाद उनकी तबीयत लगातार बिगड़ती गई और उन्हें उल्टियां होने लगीं।
परिजनों के अनुसार 29 अगस्त की रात करीब 8:30 बजे उन्हें जिला चिकित्सालय पौड़ी रेफर किया गया, जहां सांस लेने में परेशानी के बावजूद ऑक्सीजन सहित समुचित उपचार उपलब्ध नहीं कराया गया। इसके बाद उन्हें मेडिकल कॉलेज श्रीनगर रेफर किया गया।
बेहड़ ने बताया कि 30 अगस्त की सुबह करीब 6 बजे मधु श्रीनगर मेडिकल कॉलेज पहुंचीं, लेकिन शिकायत के अनुसार वहां भी तत्काल उपचार एवं ऑक्सीजन की सुविधा नहीं मिल सकी। उनकी हालत लगातार गंभीर होती गई और करीब 11 बजे उन्हें एम्स ऋषिकेश रेफर किया गया। उपचार के दौरान उनकी मृत्यु हो गई।
विधायक बेहड़ ने मुख्य सचिव से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराकर उपचार में लापरवाही के लिए जिम्मेदार चिकित्सकों, चिकित्सा स्टाफ, विश्वविद्यालय प्रशासन एवं संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए तथा जांच में दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए।
उन्होंने छात्रावास में छात्राओं को उपलब्ध कराए जा रहे भोजन की गुणवत्ता एवं स्वास्थ्य सुविधाओं की भी जांच कराने का अनुरोध किया है।
बेहड़ ने कहा कि एक होनहार छात्रा की इस प्रकार हुई मृत्यु अत्यंत दुखद है। परिवार द्वारा लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष जांच होना आवश्यक है, ताकि वास्तविक तथ्य सामने आएं और दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा न जाए।



















