– SSP अजय गणपति के निर्देशन में साइबर अपराधों से बचाव, डिजिटल अरेस्ट, ऑनलाइन फ्रॉड और साइबर बुलिंग पर दी गई महत्वपूर्ण जानकारी
– इंडिया नज़र ब्यूरो रुद्रपुर – वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति के निर्देशन में जनपद में साइबर अपराधों की रोकथाम एवं आमजन को जागरूक करने के उद्देश्य से चलाए जा रहे अभियान के तहत साइबर अपराध प्रकोष्ठ द्वारा पंतनगर महाविद्यालय में संचालित एनसीसी कैडेट कैंप में विशेष साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में लगभग 250 से अधिक एनसीसी कैडेट्स, छात्र-छात्राओं एवं शिक्षकों ने प्रतिभाग किया। साइबर क्राइम ब्रांच की टीम ने प्रतिभागियों को वर्तमान समय में तेजी से बढ़ रहे साइबर अपराधों के विभिन्न स्वरूपों, साइबर ठगों द्वारा अपनाए जा रहे नए तरीकों तथा उनसे बचाव के उपायों की विस्तृत जानकारी दी।

कार्यक्रम के दौरान डिजिटल अरेस्ट के नाम पर की जा रही ठगी के मामलों के बारे में बताते हुए छात्रों को जागरूक किया गया कि साइबर अपराधी स्वयं को पुलिस, सीबीआई अथवा अन्य सरकारी एजेंसियों का अधिकारी बताकर लोगों को डराने और धनराशि ठगने का प्रयास करते हैं। ऐसे मामलों में सतर्क रहने और किसी भी प्रकार की घबराहट में धनराशि ट्रांसफर न करने की सलाह दी गई।
इसके अलावा फर्जी लिंक, कस्टमर केयर, केवाईसी अपडेट, लॉटरी, कूरियर एवं बैंक अधिकारी बनकर की जाने वाली ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाव के उपाय बताए गए। प्रतिभागियों को मजबूत पासवर्ड बनाने, ओटीपी, एटीएम, सीवीवी तथा बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करने के लिए प्रेरित किया गया।

साइबर टीम ने सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग, फेक प्रोफाइल की पहचान, निजी जानकारी को सार्वजनिक न करने तथा साइबर बुलिंग और साइबर स्टॉकिंग जैसे अपराधों से बचाव के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी। साथ ही ऑनलाइन निवेश, ट्रेडिंग एवं पार्ट टाइम जॉब के नाम पर होने वाली ठगी से सावधान रहने की सलाह दी गई।
कार्यक्रम में प्रतिभागियों को राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930, स्थानीय पुलिस एवं साइबर सेल से संपर्क करने की प्रक्रिया की जानकारी दी गई। साथ ही राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया से भी अवगत कराया गया। साइबर अपराध प्रकोष्ठ की टीम ने विद्यार्थियों से अपील की कि वे इंटरनेट एवं सोशल मीडिया का उपयोग करते समय सतर्क रहें तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल संबंधित एजेंसियों को दें।
एसएसपी अजय गणपति का कहना है कि “डिजिटल युग में साइबर अपराधी लगातार नए-नए तरीकों से लोगों को ठगी का शिकार बनाने का प्रयास कर रहे हैं। ऐसे में प्रत्येक नागरिक का जागरूक और सतर्क रहना अत्यंत आवश्यक है। किसी भी अज्ञात कॉल, लिंक, मैसेज अथवा लालच देने वाले ऑफर पर बिना सत्यापन विश्वास न करें। अपनी बैंकिंग एवं व्यक्तिगत जानकारी किसी के साथ साझा न करें। यदि कोई व्यक्ति साइबर अपराध का शिकार होता है तो तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930, स्थानीय पुलिस अथवा साइबर सेल से संपर्क करें, ताकि समय रहते प्रभावी कार्रवाई की जा सके।”




















