
काशीपुर – कोरोना महामारी से सांसों पर संकट मंडरा रहा है,देश में ऑक्सीजन के लिए हाहाकार मचा हुआ है, ऑक्सीजन की कमी के चलते ना जाने कितनी ही ज़िन्दगी की सांसे टूट गई और कितने ही अपनों को छोड कर चले गये है। ऐसे में जीवनदायिनी ऑक्सीजन की कमी को दूर करने के लिए उत्तराखंड की कुछ बडी कंपनियां सामने आयी है। जिन्होने उत्तराखण्ड के साथ ही देश के अन्य राज्यों को ऑक्सीजन की कमी को दूर करने के लिये सप्लाई शुरू कर दी है। जिससे जल्द ही इस संकट के दौर से सांसों की डोर को बांधे रखा जा सकता है।
कोरोना संक्रमण के दूसरे दौर के चलते पूरे देश में लगातार ही कोरोना के मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है, अस्पतालों में मरीजों के लिए बेड तक उपलब्ध नहीं हो रहे है। यही नहीं, सांसों की डोर को थामने के लिए जिस ऑक्सीजन का प्रयोग किया जाता है, वो भी मुश्किल से ही उपलब्ध हो रही है।
ऐसे में पूरे देश में ऑक्सीजन की कमी को पूरा करने के लिए उत्तराखंड की कुछ कंपनियां जीवनदायिनी बनकर सामने आयी है। जिसमे हरिद्वार, देहरादून के साथ ही काशीपुर की आईजीएल कंपनी ने दिल्ली सरकार को ऑक्सीजन देना शुरु भी कर दिया है, करीब 60 टन ऑक्सीजन ‘इंडियन ग्लाइकोल लिमिटेड’ दिल्ली सरकार को उपलब्ध करायेगी, जिससे संकट के इस दौर में टूटती सांसों को जीवन मिल सकेगा।
कंपनी हेड मधुप मिश्रा ने बताया कि भारत सरकार द्वारा दिये गये निर्देशों के अनुपालन में आईजीएल उत्तराखंड सहित अन्य प्रदेशों को सरकारी दरों पर ऑक्सीजन उपलब्ध करायेगी, ऑक्सीजन कमी के चलते फिलहाल तीस टन आक्सीजन दूसरे राज्यों के लिए भेज भी दिया गया है।

आपको बता दे कि पिछली बार वर्ष- 2020 में भी आईजीेएल ने सेनेटाइजर की कमी को दूर करते हुए कोरोना संकट में लोगों को राहत देने का काम किया था, आईजीएल में सेनेटाइजर बनाकर सस्ती दरों पर बाजार में हैंड सैनिटाइजर सप्लाई किया था। जिससे लोगों को काफी मदद मिली थी। वहीं इस बार फिर से टूटती जीवन की डोर को जीवन देने के लिए ऑक्सीजन की कमी को भी दूर करने का काम आईजीएल कर रही है। प्रदेश की अन्य कम्पनियां भी इस संकट के दौर में मदद कर रही है जिससे उत्तराखंड सहित अन्य प्रदेशों में ऑक्सीजन की कमी को पूरा किया जा सकेगा।
बहरहाल देश भर में कोरोना संक्रमण से मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है, ऐसे में अस्पतालों में ऑक्सीजन की कमी से कई लोगों की जीवन लीला भी समाप्त हो गयी है, जिसको देखते हुए भारत सरकार के दिशा निर्देशों पर उत्तराखंड दूसरे प्रदेशों को ऑक्सीजन देकर लोगों की जिंदगी बचाने में मददगार सिद्ध होगा। इसके साथ ही प्रदेश में भी ‘ऑक्सीजन’ की कमी को पूरी तरह से दूर भी कर दिया जायेगा।





















