

– इंडिया नज़र ब्यूरो
ऊधम सिंह नगर – ‘बंगाली समुदाय के बच्चो को मिलने वाले प्रमाण-पत्रों में एक कालम में पूर्वी पाकिस्तान लिखा जाना बंगाली समुदाय को अपमानित करने वाला है। भारत पाक बटवारे के बाद जो बच्चे भारत में पैदा हुए है। उनकी नागरिकता भारतीय है, लेकिन अभी तक इनके प्रमाण-पत्रों में एक कालम पूर्वी पाकिस्तान लिखे जाने से बंगाली समुदाय आहात है। सरकार को इसके लिये स्पष्ट निर्देश और आदेश देने चाहिये जिससे बंगाली समुदाय भावनाये आहात न हो।”
यह विचार सितारगंज के पूर्व विधायक एवं कांग्रेसी नेता नारायण पाल ने यहां रुद्रपुर में आयोजित एक प्रेस वार्ता में व्यक्त किये। उनके साथ ममता हलदर और परिमाल राय सहित कई कांग्रेसी नेता मौजूद थे। पूर्व विधायक नारायण पाल ने भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा कि बंगाली समुदाय को अभी तक अनुसूचित जाति का दर्जा नहीं दिया गया है और बंगाली समुदाय के बच्चो के प्रमाण-पत्रों में अभी तक उनके माता पिता के भारतीय होने के बाद भी पूर्वी पाकिस्तान लिखा जा रहा है। जिससे बंगाली समुदाय बुरी तरह अपमानित महसूस कर रहा है।
उन्होंने कहा कि तपोवन की घटना के बाद जिले में स्थित डामो को सुद्रीकरण करने की दिशा भी काम करना चाहिए। जिससे यहां किसी तरह की कोई घटना न हो सके। नारायण पाल ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार किसान आंदोलन को तोड़ने की साजिश रच रही है और इस आंदोलन से जुड़े लोगो पर झूठे मुक़दमे दर्ज कर रही है। 26 जनवरी की घटना भाजपा की मिलीभगत से हुई थी। कांग्रेस इन घटनाओ का कडा विरोध करती है।





















