
नन्द लाल का एक्सक्लूसिव इंटरव्यू
– पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने नन्द लाल पर पुलिसिया कहर को लोकतंत्र पर हमला बताया।
– नन्द लाल को न्याय दिला कर रहेंगे – हिमांशु गाबा –
यह सरकार लोकतंत्र को नहीं मानती – पूर्व जिला अध्यक्ष नारायण सिंह बिष्ट
– नाहिद खान
रुद्रपुर – मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के रुद्रपुर दौरे के दौरान कांग्रेसी के प्रदेश सचिव और पूर्व मेयर प्रत्याशी नन्द लाल पर पुलिस द्वारा लाठियों बरसा कर हाथ में फ्रेक्चर करने का मामला अब राजनीतिक तूल पकड़ता जा रहा है। इस मामले पर पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने भी नाराज़गी जताते हुए दोषी पुलिस कर्मियों के विरुद्ध कार्यवाही की मांग की है।
‘इंडिया नज़र’ से विशेष बातचीत में नन्द लाल ने कहा कि वो लोकतांत्रिक तरीके से मुख्यमंत्री का विरोध कर रहे थे। जैसे ही उन्होंने काले गुब्बारे उड़ाये वैसे ही पुलिस कर्मियों ने उन्हें घेरे में ले लिया था। इस पर वो जो बेक मुख्यमंत्री के नारे लगा रहे थे। तभी कुछ पुलिस कर्मी दौड़ते हुए आये और उनपर लाठिया बरसाने लगे। जिससे उनके एक हाथ में फ्रैक्चर हो गया है। वो अपने साथ हुई अमानवीय और बर्बरतापूर्वक घटना की जांच की मांग करते है साथ ही दोषी पुलिस कर्मियों के विरुद्ध कार्यवाही की मांग करते है।
युवा कोंग्रेसी नेता हिमांशु गावा का कहना है कि मुख्यमंत्री के विरोध कार्यक्रम की सूचना पूर्व में दे दी थी। लेकिन पुलिस ने नन्द लाल को पकड़ कर हिरासत में लेने की बजाय उनका हाथ तोड़ दिया,जो निंदनीय है। यह लोक्तन्त्र की ह्त्या है,जिन पुलिस कर्मियों ने मारपीट की है उनके खिलाफ कार्यवाही की जाये। इसको लेकर जिलाधिकारी को ज्ञापन भी दिया जायेगा।
इस मामले में पूर्व जिला अध्यक्ष नारायण सिंह बिष्ट का कहना है कि वर्तमान में भाजपा सरकार में लोकतंत्र ख़त्म हो गया है। लोकतंत्र में सबको विरोध करने का अधिकार है। नन्द लाल के साथ पुलिसिया ज़ुल्म के खिलाफ हम न्याय की मांग करते है। इसके लिये कोई भी कानूनी लड़ाई लड़ेंगे। कॉंग्रेसियो का कहना है कि यदि इस मामले कोई कार्यवाह नहीं हुई तो नन्द लाल की पिटाई प्रकरण को लेकर प्रदेश व्यापी आंदोलन चलाया जायेगा।





















