– इंडिया नज़र ब्यूरो | रुद्रपुर – लंबे समय से प्रस्तावित बंग भवन निर्माण को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर हलचल तेज हो गई है। बंगाली समाज की बहुप्रतीक्षित मांग को पूरा कराने के लिए विधायक शिव अरोरा ने बंगाली समाज के प्रतिनिधिमंडल के साथ जिलाधिकारी नितिन भदौरिया से मुलाकात कर भूमि हस्तांतरण प्रक्रिया शीघ्र पूरी कराने की मांग की।
विधायक ने किच्छा रोड स्थित पुराने ट्रेजरी कार्यालय परिसर में चयनित भूमि को बंग भवन निर्माण के लिए उपयुक्त बताते हुए जिलाधिकारी को लिखित पत्र सौंपा और शासन को प्रस्ताव जल्द भेजने का आग्रह किया।
विधायक ने किच्छा रोड स्थित पुराने ट्रेजरी कार्यालय परिसर में चयनित भूमि को बंग भवन निर्माण के लिए उपयुक्त बताते हुए जिलाधिकारी को लिखित पत्र सौंपा और शासन को प्रस्ताव जल्द भेजने का आग्रह किया।

विधायक शिव अरोरा ने बताया कि 14 अगस्त 2023 को रुद्रपुर में आयोजित विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के समक्ष बंगाली समाज ने बंग भवन निर्माण की मांग रखी थी, जिसे मुख्यमंत्री ने स्वीकार करते हुए अपनी घोषणाओं में शामिल किया था।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा सभी विधायकों से मांगे गए 10 प्रमुख विकास कार्यों में भी उन्होंने बंग भवन निर्माण को प्राथमिकता के साथ शामिल किया था। अब प्रशासनिक स्तर पर जमीन हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद निर्माण कार्य शुरू होने का मार्ग प्रशस्त होगा।
जिलाधिकारी नितिन भदौरिया ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि बंग भवन हेतु भूमि हस्तांतरण प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण कर शासन को प्रस्ताव भेजा जाएगा, ताकि जल्द निर्माण कार्य प्रारंभ कराया जा सके।
शिव अरोरा ने कहा, “बंगाली समाज ने देश और उत्तराखंड, विशेषकर तराई क्षेत्र के विकास में ऐतिहासिक योगदान दिया है। रुद्रपुर में बंग भवन का निर्माण समाज की संस्कृति, सम्मान और पहचान को समर्पित होगा। जमीन हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी होते ही निर्माण कार्य जल्द शुरू कराया जाएगा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जी की मंशा के अनुरूप यह सपना शीघ्र साकार होगा।”
प्रस्तावित बंग भवन केवल एक भवन नहीं, बल्कि बंगाली समाज की कला, संस्कृति, इतिहास और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान का प्रतीक होगा। इसमें बंगाली संस्कृति, स्वतंत्रता संग्राम में योगदान, तराई क्षेत्र बसाने में समाज की भूमिका तथा सामाजिक विरासत को संरक्षित किया जाएगा।
इस दौरान दर्जा मंत्री उत्तम दत्ता, बंगाली महासभा प्रदेश अध्यक्ष राज कुमार साहा, पूर्व मंडी अध्यक्ष केके दास, समीर राय, शंकर चक्रवर्ती, गणेश सरकार, विशाल शील, पलव शील सहित कई लोग मौजूद रहे।




















