– इंडिया नज़र ब्यूरो | रुद्रपुर – एसएसपी अजय गणपति के कुशल निर्देशन में ऊधमसिंह नगर पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। फर्जी NCERT पुस्तकों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस ने अंतरराज्यीय गिरोह का खुलासा करते हुए मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया है।
इस मामले में अब तक एक अभियुक्त नफीस खान को गिरफ्तार किया गया है, जबकि अन्य नामजद और प्रकाश में आए आरोपियों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई जारी है।
जानकारी के अनुसार, 17 मार्च 2026 कोNCERT के सहायक उत्पादन अधिकारी दीपक कुमार की तहरीर पर कोतवाली रुद्रपुर में मुकदमा दर्ज किया गया था। मामला भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं और कॉपीराइट अधिनियम के तहत पंजीकृत किया गया।
इस मामले में अब तक एक अभियुक्त नफीस खान को गिरफ्तार किया गया है, जबकि अन्य नामजद और प्रकाश में आए आरोपियों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई जारी है।
जानकारी के अनुसार, 17 मार्च 2026 कोNCERT के सहायक उत्पादन अधिकारी दीपक कुमार की तहरीर पर कोतवाली रुद्रपुर में मुकदमा दर्ज किया गया था। मामला भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं और कॉपीराइट अधिनियम के तहत पंजीकृत किया गया।

विवेचना के दौरान सामने आया कि आरोपी नफीस खान उर्फ राजू, निवासी मेरठ, अपने साथियों के साथ मिलकर फर्जी NCERT पुस्तकों का एक संगठित नेटवर्क चला रहा था। जांच में खुलासा हुआ कि यह गिरोह कई राज्यों में गोदाम किराये पर लेकर नकली किताबों का भंडारण करता था।
थाना भोजीपुरा (बरेली) से बरामद नकली पुस्तकों को रुद्रपुर के कीरतपुर स्थित गोदाम में रखा जाता था। इसके बाद किताबों के कवर की छपाई मथुरा की प्रिंटिंग प्रेस में कराई जाती थी और तैयार माल को भरतपुर (राजस्थान) भेजकर विभिन्न क्षेत्रों में सप्लाई किया जाता था।
आरोपी परिवहन के लिए वाहन मालिकों से संपर्क कर पुस्तकों को मेरठ सहित अन्य जिलों में भिजवाता था और गोदामों के किराये का भुगतान भी करता था। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया है। वहीं, इस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश तेज कर दी गई है।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, आरोपी का आपराधिक इतिहास भी रहा है। उसके खिलाफ वर्ष 2020 में मेरठ के थाना परतापुर में धोखाधड़ी और जालसाजी से जुड़े मामले दर्ज हैं। इसके अलावा वर्ष 2023 में बरेली के भोजीपुरा थाने में भी कॉपीराइट उल्लंघन के तहत मामला दर्ज हुआ था, जिसमें वह पहले जेल जा चुका है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस कार्रवाई से फर्जी किताबों के अवैध कारोबार पर बड़ा प्रहार हुआ है और आगे भी ऐसे नेटवर्क के खिलाफ अभियान जारी रहेगा।





















