
– इंडिया नज़र ब्यूरो विशेष | रुद्रपुर – रुद्रपुर शहर को एक नई सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान मिलने जा रही है। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी 14 फरवरी को दोपहर 2:30 बजे इंदिरा चौक (नव नामित त्रिशूल चौक) पहुंचकर भव्य त्रिशूल का विधिवत लोकार्पण करेंगे। यह त्रिशूल न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक होगा, बल्कि शहर के सौंदर्यीकरण और आधुनिक विकास का भी प्रमुख केंद्र बनेगा।
नव स्थापित त्रिशूल विशेष डिजाइन और सुदृढ़ संरचना के साथ तैयार किया गया है। जो आस्था, आकर्षण और स्थापत्य का संगम होगा। इस त्रिशूल का वज़न लगभग 3.5 टन है और इसे एफआरपी (Fiber Reinforced Plastic) सामग्री से निर्मित किया गया है, जिससे यह मजबूत होने के साथ-साथ आकर्षक भी दिखाई देता है।
नव स्थापित त्रिशूल विशेष डिजाइन और सुदृढ़ संरचना के साथ तैयार किया गया है। जो आस्था, आकर्षण और स्थापत्य का संगम होगा। इस त्रिशूल का वज़न लगभग 3.5 टन है और इसे एफआरपी (Fiber Reinforced Plastic) सामग्री से निर्मित किया गया है, जिससे यह मजबूत होने के साथ-साथ आकर्षक भी दिखाई देता है।

त्रिशूल की लंबाई 14 फीट और चौड़ाई 10 फीट है, जो इसे दूर से ही दर्शनीय बनाती है। इसके चारों ओर सिविल निर्माण, सौंदर्यीकरण और सुरक्षा के लिए मजबूत गार्डिंग की व्यवस्था की गई है, ताकि यह स्थल सुरक्षित और व्यवस्थित बना रहे।
निर्माण पर लगभग 10.56 लाख की लागत आई है, जबकि सिविल एवं गार्डिंग कार्यों पर 15 से 17 लाख व्यय हुए हैं। इस प्रकार कुल अनुमानित लागत लगभग 28 से 30 लाख तक पहुंची है। यह शहर के लिए नया लैंडमार्क बनेगा।
निर्माण पर लगभग 10.56 लाख की लागत आई है, जबकि सिविल एवं गार्डिंग कार्यों पर 15 से 17 लाख व्यय हुए हैं। इस प्रकार कुल अनुमानित लागत लगभग 28 से 30 लाख तक पहुंची है। यह शहर के लिए नया लैंडमार्क बनेगा।
नगर निगम के महापौर विकास शर्मा ने कहा कि “त्रिशूल चौक रुद्रपुर की धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक विरासत और आधुनिक विकास का प्रतीक बनेगा। आने वाले समय में यह स्थान शहर का प्रमुख लैंडमार्क होगा और नागरिकों के लिए गर्व का केंद्र बनेगा।”उन्होंने बताया कि त्रिशूल चौक के विकसित होने से आसपास के क्षेत्र का सौंदर्यीकरण भी होगा और यह स्थान धार्मिक आयोजनों व सांस्कृतिक गतिविधियों का केंद्र बन सकता है।

वहीं भाजपा जिला अध्यक्ष कमल जिंदल ने कहा कि ”त्रिशूल की स्थापना से शहर में धर्म की नई ऊर्जा और सकारात्मक आभा का संचार होगा। उन्होंने कहा कि राजा रूद्र के नाम पर स्थापित रुद्रपुर में भगवान शिव का त्रिशूल स्थापित होना शहर के लिए गौरव का विषय है और यह विकास के नए सोपान भी खोलेगा।”
त्रिशूल चौक का लोकार्पण केवल एक संरचना का उद्घाटन नहीं, बल्कि रुद्रपुर की पहचान को नई दिशा देने वाला कदम माना जा रहा है। धार्मिक प्रतीक के साथ-साथ यह शहर के सौंदर्यीकरण, पर्यटन संभावनाओं और सांस्कृतिक एकता को भी सशक्त करेगा।
स्थानीय नागरिकों में इस आयोजन को लेकर उत्साह देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि त्रिशूल चौक आने वाले समय में रुद्रपुर की पहचान का स्थायी प्रतीक बनेगा।























