
फोटो साभार – ट्वीटर
– इंडिया नज़र ब्यूरो
लखनऊ – उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा ज़बरिया रिटायर्ड किये गये पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर को पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट के बाहर आत्महत्या करने वाली महिला को आत्महत्या के लिये उकसाने के मामले में गिरफ्तार किया गया है। जिससे उत्तर प्रदेश में इसपर सियासत गरमा गई है।
जो वीडियो और फोटो सोशल मीडिया पर सामने आये है उसमे दिख रहा है कि कभी खाकी पहनकर लोगो को न्याय देने वाले एक पूर्व आईपीएस अधिकारी को दर्जनों पुलिस कर्मी घसीटते हुए जबरन पकड़ कर एक गाडी में बैठाकर ले जा रहे है। लोग इसे बदले की कार्यवाही बता रहे है।
यह वोही अमिताभ ठाकुर है जिन्होंने मुख्यमंत्री आदित्य योगी के खिलाफ गोरखपुर से चुनाव लड़ने का ऐलान किया था साथ ही एक राजनीतिक दल बनाने की घोषणा की थी। लेकिन मुख्यमंत्री से दुश्मनी उनको महंगी पढ़ गई।
अमिताभ ठाकुर ने आरोप लगाया है कि उनको एफआईआर की प्रति नहीं दी गई और उनको गिरफ्तार करके हज़रतगंज कोतवाली लाया गया है। इस मामले में डीजीपी मुख्यालय से एक प्रेस नॉट जारी किया गया है,जिसमे कहा गया है कि शासन के निर्देश पर डीजी पुलिस भर्ती बोर्ड ओर एडीजी महिला सुरक्षा की जांच समिति गठित हुई थी। गठित जांच कमेटी कीजाच में अमिताभ ठाकुर को प्रथम दृष्टया आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरित करने और अन्य आरोपों में दोषी पाया गया था। जिसपर जांच कमेटी ने मुकदमा दर्ज कर विवेचना करने की संस्तुति की थी। इसके बाद उनके और अतुल राय के विरुद्ध धारा 309,120बी, धारा 306 में केस दर्ज हुआ था। विवेचना के दौरान उनकी गिरफ्तारी के गई है। बहरहाल जो भी हो उत्तर प्रदेश की योगी सरकार पर विपक्षियों द्वारा आरोप लगाये जा रहे है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था उत्तर प्रदेश सरकार से भंग कर दी है और जो भी सरकार पर सवाल उठा रहा है उसके खिलाफ मुक़दमे दर्ज किये जा रहे है।





















