

– सेवा और समर्पण के प्रतीक सेवाव्रतियों के साथ साझा की दीपावली की खुशियां, उनके योगदान को बताया राष्ट्र निर्माण में अहम
– इंडिया नज़र ब्यूरोरुद्रपुर – दीपावली के पावन पर्व पर सामाजिक सेवा, शिक्षा और संस्कारों के क्षेत्र में समर्पित एकल अभियान के सेवाव्रती भाई-बहनों के सम्मान में भारत लोक शिक्षा परिषद, रुद्रपुर चैप्टर की ओर से आत्मीय कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर परिषद के रुद्रपुर चैप्टर के अध्यक्ष विजय भूषण गर्ग ने एकल अभियान से जुड़े समस्त सेवाव्रती भाई-बहनों को मिष्ठान एवं उपहार भेंट कर दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं दीं और उनके साथ पर्व की खुशियां साझा कीं।
इस दौरान विजय भूषण गर्ग ने सेवाव्रती भाई-बहनों के निस्वार्थ सेवा भाव, समर्पण और समाज के प्रति उनकी प्रतिबद्धता की सराहना करते हुए कहा कि एकल अभियान केवल शिक्षा प्रदान करने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह समाज में संस्कार, नैतिक मूल्यों, सामाजिक जागरूकता और राष्ट्रप्रेम की भावना को मजबूत करने का महत्वपूर्ण अभियान है।

उन्होंने कहा कि एकल अभियान के सेवाव्रती भाई-बहन दुर्गम वनांचलों और दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में विपरीत परिस्थितियों के बावजूद शिक्षा एवं संस्कारों की अलख जगा रहे हैं। जिन क्षेत्रों में शिक्षा और जागरूकता की सुविधाएं सीमित हैं, वहां ये सेवाव्रती अपनी मेहनत और समर्पण से बच्चों के भविष्य को संवारने के साथ ही समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का कार्य कर रहे हैं।
विजय भूषण गर्ग ने कहा कि दीपावली प्रकाश, खुशियों और आपसी प्रेम का पर्व है। ऐसे पावन अवसर पर समाज के लिए अपना जीवन समर्पित करने वाले सेवाव्रती भाई-बहनों के साथ खुशियां साझा करना उनके लिए सौभाग्य की बात है। उन्होंने कहा कि इनका त्याग और सेवा भावना हम सभी के लिए प्रेरणादायक है। समाज को ऐसे समर्पित कार्यकर्ताओं के योगदान का सम्मान करना चाहिए और उनके कार्यों को आगे बढ़ाने में सहयोग करना चाहिए। कार्यक्रम के माध्यम से सेवाव्रती भाई-बहनों के प्रति सम्मान और आत्मीयता व्यक्त करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य, उत्तम स्वास्थ्य एवं मंगलमय जीवन की कामना की गई।
भारत लोक शिक्षा परिषद, रुद्रपुर चैप्टर के अध्यक्ष विजय भूषण गर्ग ने कहा, “एकल अभियान के सेवाव्रती भाई-बहन वास्तव में समाज के सच्चे सेवक हैं। वे दुर्गम वनांचलों और दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा, संस्कार और राष्ट्र चेतना का दीप प्रज्वलित कर रहे हैं। उनका यह कार्य केवल बच्चों को शिक्षित करने तक सीमित नहीं है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को संस्कारित, जागरूक और राष्ट्र के प्रति समर्पित बनाने का भी महत्वपूर्ण प्रयास है।
दीपावली खुशियां बांटने और एक-दूसरे के जीवन में प्रकाश लाने का पर्व है। इसी भावना के साथ उनके बीच मिष्ठान और उपहार भेंट कर दीपावली की खुशियां साझा करने का सौभाग्य मिला। मैं सभी सेवाव्रती भाई-बहनों के सेवा कार्यों को नमन करता हूं और उनके सुखमय, स्वस्थ एवं मंगलमय जीवन की कामना करता हूं।”





























