
– इंडिया नज़र ब्यूरोरुद्रपुर – पत्रकार रूपेश कुमार की गिरफ्तारी को लेकर रुद्रपुर में पत्रकारों का आक्रोश सड़कों पर दिखाई दिया। पुलिस की कार्रवाई के विरोध में जिलेभर के पत्रकारों ने पहले कोतवाली का घेराव कर धरना-प्रदर्शन किया। इसके बाद जब पुलिस गिरफ्तार पत्रकार को न्यायालय ले जाने लगी तो प्रदर्शनकारी पत्रकार पुलिस वाहन के आगे लेट गए और जमकर विरोध जताया। इस दौरान मौके पर काफी हंगामा हुआ और स्थिति तनावपूर्ण हो गई।
पत्रकारों का आरोप है कि पुलिस ने एक सड़क दुर्घटना के मामले में रूपेश कुमार के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया है। पत्रकारों ने पुलिस की कार्रवाई को अनुचित बताते हुए निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग की। घटना की जानकारी मिलने के बाद जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पत्रकार रुद्रपुर पहुंच गए और विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए।

मामले ने उस समय राजनीतिक तूल भी पकड़ लिया, जब पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं किच्छा विधायक तिलक राज बेहड़ ने पत्रकार की गिरफ्तारी पर सवाल उठाते हुए इसे लोकतंत्र पर हमला बताया। वहीं, पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल ने भी पुलिस की कार्रवाई को अलोकतांत्रिक करार देते हुए विरोध जताया।
जानकारी के अनुसार, बीती रात पत्रकार रूपेश कुमार की कार से एक व्यक्ति को पीछे से टक्कर लग गई थी, जिसमें एक लड़का कथित रूप से घायल हो गया। इस घटना के बाद पुलिस ने रूपेश कुमार को गिरफ्तार कर लिया। हालांकि, पत्रकारों का कहना है कि दुर्घटना के मामले को अनावश्यक रूप से गंभीर धाराओं में बदलकर कार्रवाई की गई है।

वहीं, पुलिस का पक्ष इससे अलग है। पुलिस के अनुसार, घटना के समय रूपेश कुमार कथित तौर पर नशे की हालत में थे और विवाद के दौरान उन्होंने गाली-गलौज करते हुए धारदार हथियार से हमला किया। पुलिस क्षेत्राधिकारी विभव सैनी के मुताबिक, रूपेश कुमार पर गाली-गलौज और धारदार हथियार से हमला करने के आरोप हैं। पुलिस ने इसी आधार पर उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तारी की थी।अदालत से मिली बड़ी राहत
इस पूरे मामले में सीजेएम न्यायालय से रूपेश कुमार को बड़ी राहत मिली है। न्यायालय ने मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 109, जिसे पुराने कानून में आईपीसी की धारा 307 (हत्या के प्रयास) के समकक्ष माना जाता है, हटाते हुए रूपेश कुमार को जमानत दे दी। अदालत के इस आदेश के बाद पत्रकारों ने राहत जताई है। हालांकि, मामले में पुलिस की कार्रवाई, घटना के वास्तविक तथ्यों और लगाए गए आरोपों को लेकर बहस जारी है। अब आगे की कानूनी प्रक्रिया और जांच में सामने आने वाले तथ्यों पर सभी की नजरें रहेंगी।



























