
– 20 वर्षों से अधिक का कानूनी अनुभव और विधिक सेवाओं व मानवाधिकारों के प्रति समर्पण बना चयन का आधार
– इंडिया नज़र ब्यूरोरुद्रपुर – विधिक सेवाओं और मानवाधिकारों के क्षेत्र में दो दशकों से अधिक समय से सक्रिय योगदान दे रहे उत्तराखंड के वरिष्ठ अधिवक्ता अमित मेहंदीरत्ता को राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी पहचान मिली है। उनका चयन प्रतिष्ठित आठवें भारत प्रतिभा सम्मान समारोह-2026 के लिए किया गया है। उन्हें लीगल सर्विसेज एवं ह्यूमन राइट्स श्रेणी में उत्तराखंड राज्य का प्रतिनिधित्व करने के लिए नामित किया गया है। यह सम्मान उत्तराखंड के लिए भी गौरव का विषय माना जा रहा है।
भारत प्रतिभा सम्मान परिषद की ओर से आयोजित यह समारोह रविवार, 1 नवंबर को नई दिल्ली के प्रगति मैदान स्थित नेशनल साइंस सेंटर ऑडिटोरियम में आयोजित किया जा रहा है। समारोह में देशभर की 16 विभिन्न श्रेणियों में समाज और राष्ट्र के विकास में उल्लेखनीय योगदान देने वाली 30 विशिष्ट प्रतिभाओं को सम्मानित किया जाएगा। कार्यक्रम में पूर्व केंद्रीय विदेश एवं संस्कृति राज्य मंत्री मीनाक्षी लेखी, पद्मश्री सम्मानित कृषि वैज्ञानिक राम चेत चौधरी और प्रसिद्ध कथक नृत्यांगना शोवना नारायण सहित कई गणमान्य हस्तियां मौजूद रहेंगी।

अधिवक्ता अमित मेहंदीरत्ता को कानूनी क्षेत्र में 20 वर्षों से अधिक का अनुभव है। उन्होंने महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय, रोहतक से बीए-एलएलबी (ऑनर्स) की डिग्री प्राप्त की है। वहीं, वर्ष 2022 में डब्ल्यूएचआरपीसी की ओर से उन्हें लॉ एंड ह्यूमन राइट्स के क्षेत्र में डॉक्टरेट की उपाधि भी प्रदान की गई। अपने लंबे पेशेवर सफर में उन्होंने सिविल, कॉरपोरेट और बैंकिंग क्षेत्र से जुड़े जटिल मामलों में प्रभावी पैरवी करते हुए अपनी अलग पहचान बनाई है।
उन्होंने जिला न्यायालयों से लेकर सत्र न्यायालय और उच्च न्यायालय तक कई महत्वपूर्ण मामलों में पैरवी की है। उनके प्रमुख मुवक्किलों में महिंद्रा एंड महिंद्रा लिमिटेड जैसी प्रतिष्ठित कंपनी शामिल रही है। इसके अलावा भारतीय स्टेट बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, यूनियन बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा और सिडबी जैसे प्रमुख वित्तीय संस्थानों के बैंकिंग रिकवरी एवं अन्य कानूनी मामलों में भी उन्होंने अपनी विशेषज्ञ सेवाएं दी हैं।
विधिक क्षेत्र में उनके योगदान को पूर्व में भी कई प्रतिष्ठित मंचों पर सराहा जा चुका है। वर्ष 2013 में उत्तराखंड के राज्यपाल की ओर से उन्हें विधिक सेवाओं में विशेष योगदान और प्रतिभा के लिए सम्मानित किया गया था। वर्ष 2026 में उन्हें भारत श्रेष्ठ रत्न सम्मान तथा इंडिया रिपब्लिक टाइम्स की ओर से बेस्ट एडवोकेट ऑफ द ईयर-2026 से भी नवाजा गया। इसके अतिरिक्त वर्ल्ड ह्यूमन राइट्स प्रोटेक्शन कमीशन की ओर से उन्हें सदस्यता प्रमाणपत्र प्रदान किया गया है।
अमित मेहंदीरत्ता ने अपने कानूनी करियर की शुरुआत वरिष्ठ अधिवक्ता पीपी मेहंदीरत्ता के चैंबर से की थी। इसके बाद वरिष्ठ अधिवक्ता राजेश टंडन के मार्गदर्शन में उन्होंने अपनी कानूनी दक्षता और अनुभव को और अधिक मजबूत किया। पारंपरिक न्यायिक मामलों के अलावा संपत्ति संबंधी कानूनी जांच और नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं से जुड़े मामलों में भी उन्होंने विशेषज्ञता हासिल की है।
उनके चयन में कानूनी अनुभव के साथ-साथ सामाजिक उत्तरदायित्व, मानवाधिकारों के संरक्षण और सतत विकास के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को भी अहम आधार माना गया है। आठवें भारत प्रतिभा सम्मान समारोह के लिए उनका नामांकन न केवल उनके व्यक्तिगत पेशेवर सफर की उपलब्धि है, बल्कि उत्तराखंड की विधिक प्रतिभा को राष्ट्रीय मंच पर मिली महत्वपूर्ण पहचान भी है।



























