– सूर्पनखा प्रसंग के भव्य मंचन को देखने पुरानी गल्ला मंडी स्थित रामलीला मैदान में उमड़ी हजारों दर्शकों की भीड़
– नवयुवक कला केंद्र की रामलीला में नवल किशोर के अभिनय को लेकर दर्शकों में दिखा खासा उत्साह
– इंडिया नज़र ब्यूरो | किच्छा – किच्छा की प्रसिद्ध रामलीला में सूर्पनखा प्रसंग के मंचन को देखने के लिए दर्शकों का भारी हुजूम उमड़ पड़ा। पुरानी गल्ला मंडी स्थित रामलीला मैदान हजारों दर्शकों की मौजूदगी से खचाखच भर गया। भगवान श्रीराम की लीला के सजीव मंचन, कलाकारों के अभिनय और दर्शकों की अपार श्रद्धा ने पूरे माहौल को भक्तिमय बना दिया। इस दौरान युवा पत्रकार नवल किशोर लगातार चौथे वर्ष भगवान लक्ष्मण की भूमिका में नजर आए। उनके अभिनय को देखने के लिए दर्शकों में विशेष उत्साह दिखाई दिया।

नवयुवक कला केंद्र के तत्वावधान में आयोजित रामलीला महोत्सव में सूर्पनखा प्रसंग का आकर्षक मंचन किया गया। लीला के दौरान जब सूर्पनखा भगवान श्रीराम और लक्ष्मण के समक्ष पहुंचती हैं और इसके बाद लक्ष्मण द्वारा उनकी नाक और कान काटने का प्रसंग मंचित किया जाता है, तो दर्शक भाव-विभोर होकर पूरी लीला देखते नजर आए। मंच पर कलाकारों की प्रस्तुति और संवादों ने रामायण के इस महत्वपूर्ण प्रसंग को जीवंत कर दिया।
रामलीला मैदान में दर्शकों की भारी भीड़ इस धार्मिक आयोजन के प्रति लोगों की गहरी आस्था और उत्साह को दर्शा रही थी। परिवारों के साथ पहुंचे लोगों और रामभक्तों ने देर तक रामलीला का आनंद लिया। पूरे आयोजन के दौरान मैदान में उत्सव जैसा माहौल बना रहा। लगातार चौथे वर्ष लक्ष्मण की भूमिका में नजर आए नवल किशोर
इस वर्ष के मंचन का खास आकर्षण युवा पत्रकार नवल किशोर रहे, जिन्होंने लगातार चौथे वर्ष भगवान लक्ष्मण की भूमिका निभाई। रामलीला में एक ही पात्र का लगातार चार वर्षों तक निर्वहन करना उनके समर्पण और अभिनय के प्रति निरंतर जुड़ाव को दर्शाता है। लक्ष्मण के किरदार में उनकी प्रस्तुति ने दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया।
भगवान लक्ष्मण का चरित्र रामायण में साहस, कर्तव्यनिष्ठा, त्याग और धर्म के प्रति समर्पण का प्रतीक माना जाता है। ऐसे महत्वपूर्ण पात्र को मंच पर निभाना कलाकार के लिए जिम्मेदारी भरा कार्य होता है। नवल किशोर द्वारा लगातार चौथे वर्ष इस भूमिका का निर्वहन करना किच्छा की रामलीला से उनके जुड़ाव को भी रेखांकित करता है।
धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा है किच्छा की रामलीला
किच्छा की रामलीला वर्षों से क्षेत्र की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा का अहम हिस्सा रही है। प्रत्येक वर्ष रामलीला महोत्सव के दौरान बड़ी संख्या में लोग पहुंचकर भगवान श्रीराम के जीवन प्रसंगों का मंचन देखते हैं। ऐसे आयोजन न केवल धार्मिक आस्था को मजबूत करते हैं, बल्कि नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति, मर्यादा और नैतिक मूल्यों से जोड़ने का भी माध्यम बनते हैं।
नवयुवक कला केंद्र के तत्वावधान में आयोजित इस रामलीला महोत्सव में सूर्पनखा प्रसंग के दौरान उमड़ी भीड़ ने आयोजन की लोकप्रियता को एक बार फिर प्रदर्शित किया। दर्शकों की भागीदारी और कलाकारों के अभिनय ने कार्यक्रम को यादगार बना दिया।


















