– संघ ने कहा- घटना की वास्तविक जानकारी नहीं दी गई, घायल युवक के परिवार के साथ खड़े हैं; महापौर विकास शर्मा ने भी आंदोलन खत्म होने का किया स्वागत
– इंडिया नज़र ब्यूरो | रुद्रपुर – काशीपुर रोड पर भाजपा नेता के भाई की कार और स्कूटी के बीच हुई सड़क दुर्घटना के मामले में आरोपी सन्नी चुघ की गिरफ्तारी के बाद नगर निगम में पिछले तीन दिनों से चल रहा सफाई कर्मचारियों का आंदोलन समाप्त हो गया है। आरोपी की गिरफ्तारी के बाद सफाई कर्मचारी संघ ने पुलिस कार्रवाई पर संतोष जताते हुए मंगलवार से सभी कर्मचारियों के अपने-अपने कार्य पर लौटने की घोषणा की है।
आंदोलन समाप्त करने के बाद नगर निगम सफाई कर्मचारी संघ के अध्यक्ष सोनू मुल्तानी, सुनील रोहतगी सहित अन्य पदाधिकारियों ने मीडिया के सामने अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि शुरुआत में समाज के लोगों को घटना की पूरी और वास्तविक जानकारी नहीं दी गई। उन्हें बताया गया कि युवकों के साथ हमला किया गया है, जिसके बाद समाज में आक्रोश पैदा हुआ और आंदोलन शुरू हुआ। बाद में जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर मामला सड़क दुर्घटना से जुड़ा बताया गया।
सफाई कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि यदि शुरुआत में ही घटना की वास्तविक जानकारी समाज के सामने रखी जाती तो शायद मामला इस स्तर तक नहीं पहुंचता। उन्होंने कहा कि घायल युवक और उसके परिवार के प्रति संगठन की पूरी सहानुभूति है और किसी घायल व्यक्ति के साथ खड़ा होना समाज का दायित्व है, लेकिन तथ्यों को छिपाकर किसी घटना को दूसरा रूप देना उचित नहीं है
पदाधिकारियों ने यह भी कहा कि आंदोलन का मुख्य उद्देश्य आरोपी की गिरफ्तारी और पीड़ित पक्ष को न्याय दिलाना था। अब पुलिस द्वारा आरोपी सन्नी चुघ की गिरफ्तारी किए जाने के बाद संगठन ने आंदोलन को फिलहाल समाप्त करने का निर्णय लिया है।
मामले में सफाई कर्मचारियों के आंदोलन और उनके कार्य बहिष्कार के चलते नगर निगम की सफाई व्यवस्था भी प्रभावित हो रही थी। इस बीच महापौर विकास शर्मा ने आंदोलन समाप्त होने और सफाई कर्मचारियों के काम पर लौटने का स्वागत किया।

महापौर विकास शर्मा ने कहा कि किसी भी मामले में कानून को अपना काम करने देना चाहिए और तथ्यों की जांच के बाद ही निष्कर्ष पर पहुंचना चाहिए। उन्होंने कहा कि घायल युवक के प्रति संवेदना और उसके परिवार की मदद के साथ-साथ निष्पक्ष जांच भी जरूरी है। उन्होंने सभी पक्षों से शांति और संयम बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि किसी भी घटना को लेकर अफवाहों पर भरोसा करने के बजाय जांच और कानूनी प्रक्रिया पर विश्वास किया जाना चाहिए।
महापौर विकास शर्मा ने यह भी कहा कि नगर निगम के सफाई कर्मचारी शहर की सफाई व्यवस्था की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभालते हैं। ऐसे में उनका आंदोलन समाप्त कर काम पर लौटना शहर के हित में है। उन्होंने सफाई कर्मचारी संघ और आंदोलन में सहयोग करने वाले सभी लोगों का आभार जताते हुए उम्मीद जताई कि अब मामला शांतिपूर्ण तरीके से आगे बढ़ेगा।
सफाई कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों ने मामले में लाखों रुपये में समझौता होने की चर्चाओं और सोशल मीडिया पर चल रही अफवाहों पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि इस तरह की बातों का कोई प्रमाण नहीं है और बिना तथ्य के किसी भी तरह की रकम की चर्चा करना गलत है।
उन्होंने लोगों से अपील की कि मामले को लेकर बिना सत्यापन किसी भी अफवाह को आगे न बढ़ाया जाए। पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि कोई व्यक्ति बिना प्रमाण के समझौते की रकम को लेकर गलत जानकारी फैलाता है तो संगठन उसके खिलाफ मानहानि की कार्रवाई पर विचार कर सकता है। संघ ने आंदोलन के दौरान सहयोग करने वाले सभी लोगों, विशेष रूप से महापौर विकास शर्मा और समाज के अन्य लोगों का आभार जताया। पदाधिकारियों ने कहा कि आरोपी की गिरफ्तारी उनकी प्रमुख मांग थी, जो पूरी हो चुकी है। इसलिए अब धरना समाप्त कर दिया गया है।
आंदोलन समाप्त होने के बाद मंगलवार से नगर निगम के सभी सफाई कर्मचारी अपने-अपने कार्य पर लौटेंगे। इससे शहर की सफाई व्यवस्था भी सामान्य होने की उम्मीद है। वहीं, घायल युवक और उसके परिवार को भविष्य में किसी भी प्रकार की आवश्यकता होने पर संगठन ने हरसंभव सहयोग का भरोसा दिया है। फिलहाल आरोपी की गिरफ्तारी के बाद आंदोलन तो समाप्त हो गया है, लेकिन मामले की पुलिस जांच और आगे की कानूनी कार्रवाई पर सभी की नजरें बनी हुई हैं।




















