– इंडिया नज़र ब्यूरो रुद्रपुर – उत्तराखंड के ऊधम सिंह नगर जिले की तराई में वर्षो से दूसरे राज्यों से शस्त्र बनने का मामले की कुंडली अब पूरी तरह से खुल गई है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति ने आज इसका बड़ा खुलासा किया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति के नेतृत्व में चलाए गए विशेष अभियान में 108 संदिग्ध शस्त्र लाइसेंस चिन्हित किए गए हैं, जबकि उनसे जुड़े 119 हथियार संबंधित थानों में जमा करा दिए गए हैं। इस कार्रवाई के बाद पूरे प्रदेश में उन लोगों की चिंता बढ़ गई है, जिन्होंने दूसरे राज्यों से शस्त्र लाइसेंस बनवाए हैं।
प्रारंभिक जांच में यह भी संकेत मिले हैं कि वर्षों से कुछ शस्त्र विक्रेताओं, बिचौलियों और दलालों के माध्यम से बाहरी राज्यों से लाइसेंस बनवाकर हथियार खरीदने का संगठित खेल चल रहा था। अब पुलिस इस पूरे नेटवर्क की परत-दर-परत जांच कर रही है और यह पता लगाया जा रहा है कि किन लोगों ने किस माध्यम से और किन परिस्थितियों में दूसरे राज्यों से लाइसेंस हासिल किए।

कुण्डा केस से खुली पूरे नेटवर्क की परत
इस पूरे अभियान की शुरुआत 11 जून 2026 को कोतवाली कुण्डा में दर्ज एक मुकदमे की विवेचना से हुई। पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से चार हथियार और दो फर्जी शस्त्र लाइसेंस बरामद किए थे। जांच आगे बढ़ी तो सामने आया कि जिले में बड़ी संख्या में ऐसे लोग हैं, जो बाहरी राज्यों और गैर जनपदों से जारी संदिग्ध लाइसेंसों के आधार पर हथियार खरीदकर उनका उपयोग कर रहे हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी अजय गणपति ने 25 जून 2026 को जनपद स्तर पर तीन विशेष पुलिस टीमों का गठन किया और पूरे जिले में व्यापक सत्यापन अभियान शुरू कराया।

678 लाइसेंसों की जांच, 108 संदिग्ध
विशेष अभियान के दौरान पुलिस ने 678 शस्त्र लाइसेंसों को सत्यापन के लिए चिन्हित किया। इनमें से अब तक 626 लाइसेंसों का सत्यापन पूरा किया जा चुका है। जांच में 108 लाइसेंस संदिग्ध पाए गए, जबकि 94 लाइसेंस पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिए और 119 हथियार संबंधित थानों में जमा कराए गए हैं। पुलिस अब इन सभी लाइसेंसों की वैधानिकता, निर्गमन प्रक्रिया और हथियार खरीद की पूरी श्रृंखला की गहन जांच कर रही है। यदि किसी भी स्तर पर फर्जीवाड़ा या नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित लोगों के खिलाफ आपराधिक मुकदमे दर्ज किए जाएंगे। अब तक की जांच में बाजपुर, गदरपुर, केलाखेड़ा, नानकमत्ता, सितारगंज, काशीपुर और कुण्डा क्षेत्रों में सबसे अधिक संदिग्ध लाइसेंस सामने आए हैं। इन इलाकों से बड़ी संख्या में हथियार पुलिस ने अपने कब्जे में लिए हैं और संबंधित दस्तावेजों की जांच जारी है।

अब पुलिस खंगालेगी पूरी कुंडली
पुलिस सूत्रों के अनुसार जांच केवल लाइसेंस धारकों तक सीमित नहीं रहेगी। उन बिचौलियों, शस्त्र विक्रेताओं और अन्य लोगों की भी भूमिका की जांच की जाएगी, जिनकी मदद से बाहरी राज्यों से लाइसेंस बनवाए गए। साथ ही यह भी पता लगाया जाएगा कि लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया में कहीं कोई फर्जी दस्तावेज, गलत पता या अन्य अनियमितताएं तो नहीं अपनाई गईं।
एसएसपी अजय गणपति ने स्पष्ट कहा है कि,“ऊधम सिंह नगर जनपद में फर्जी, संदिग्ध अथवा नियम विरुद्ध तरीके से प्राप्त किए गए शस्त्र लाइसेंसों के विरुद्ध अभियान लगातार जारी रहेगा। कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कठोर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।”
ऊधम सिंह नगर पुलिस की यह कार्रवाई उत्तराखंड में अवैध हथियारों और संदिग्ध शस्त्र लाइसेंसों के नेटवर्क पर अब तक की सबसे बड़ी चोट मानी जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में कई और बड़े खुलासे हो सकते हैं। यदि जांच में किसी भी व्यक्ति या गिरोह की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।




















