– इंडिया नज़र ब्यूरो
ऊधम सिंह नगर – उत्तराखण्ड में फर्जी शस्त्र लाइसेंस सिंडिकेट के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान ‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने एक और बड़ी सफलता हासिल की है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर अवैध हथियारों और फर्जी शस्त्र लाइसेंस धारकों के विरुद्ध चल रही कार्रवाई में एसटीएफ ने काशीपुर से एक ऐसे अभियुक्त को गिरफ्तार किया है, जिसने एक ही फर्जी लाइसेंस नंबर के आधार पर दो कूटरचित लाइसेंस तैयार कराकर दो अलग-अलग हथियार खरीदे थे।
एसटीएफ की जांच में सामने आया है कि फर्जी शस्त्र लाइसेंस नेटवर्क का दायरा बेहद व्यापक है। जांच के दौरान ऐसे कई तथ्य सामने आए हैं, जिन्होंने पूरे मामले को राष्ट्रीय स्तर की जांच का विषय बना दिया है। लगातार हो रही कार्रवाई से फर्जी लाइसेंस सिंडिकेट में हड़कंप मचा हुआ है।
एसटीएफ ने काशीपुर में सटीक सूचना के आधार पर दबिश देकर अभियुक्त पलविन्दर सिंह पुत्र स्व. धर्म सिंह, निवासी ग्राम कचनालगाजी, थाना काशीपुर, जनपद ऊधम सिंह नगर को गिरफ्तार किया। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से एक .30 बोर सेमी ऑटोमैटिक पिस्टल, चार जिंदा कारतूस (.30 बोर), एक .315 बोर राइफल, चार जिंदा कारतूस (.315 बोर) तथा फर्जी शस्त्र लाइसेंस बरामद किए गए।
एसटीएफ के अनुसार, ऑपरेशन प्रहार के तहत अब तक कुल 13 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया जा चुका है। कार्रवाई के दौरान 19 अवैध शस्त्र, 358 जिंदा कारतूस तथा बड़ी संख्या में फर्जी और संदिग्ध शस्त्र लाइसेंस बरामद किए गए हैं। जांच एजेंसियां इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी तलाश कर रही हैं।
एसटीएफ ने फर्जी शस्त्र लाइसेंस धारकों को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा है कि वे स्वयं आगे आकर अपने शस्त्र एवं लाइसेंस सहित आत्मसमर्पण करें। अन्यथा उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई करते हुए कानून का शिकंजा उनके दरवाजे तक पहुंचेगा।
इस कार्रवाई को सफल बनाने में एसटीएफ के निरीक्षक अरुण कुमार, निरीक्षक एम.पी. सिंह सहित आधा दर्जन से अधिक अधिकारियों और जवानों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।




















