| इंडिया नज़र ब्यूरो,रुद्रपुर – ऊधमसिंह नगर पुलिस द्वारा “ऑपरेशन प्रहार” के तहत साइबर अपराधियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की जा रही है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति के कुशल निर्देशन में चलाए जा रहे “ऑपरेशन साइबर प्रहार” के अंतर्गत जनपद पुलिस ने साइबर ठगी से जुड़े नेटवर्क पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है।
इस अभियान का मुख्य उद्देश्य साइबर ठगी में शामिल गिरोहों, म्यूल अकाउंट संचालकों और फर्जी सिम कार्ड के जरिए चल रहे नेटवर्क को चिन्हित कर उनके खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई करना है।
जांच में सामने आया है कि साइबर अपराधी फर्जी सिम कार्ड के माध्यम से बैंक खातों (म्यूल अकाउंट्स) का संचालन कर ठगी की रकम को अलग-अलग खातों में ट्रांसफर करते हैं, जिससे जांच प्रक्रिया जटिल हो जाती है। पुलिस ने ऐसे नेटवर्क की पहचान कर कार्रवाई तेज कर दी है।
अब तक 100 से अधिक संदिग्ध म्यूल अकाउंट्स चिन्हित किए जा चुके हैं, जिनमें से कई खातों को फ्रीज करने की प्रक्रिया जारी है। संबंधित खाताधारकों की भूमिका की भी गहन जांच की जा रही है।
वहीं, आगामी ‘चारधाम यात्रा’ को देखते हुए पुलिस ने विशेष रणनीति लागू की है। हेली बुकिंग फ्रॉड, फर्जी वेबसाइट, कॉल सेंटर ठगी और पेंशन फ्रॉड जैसे मामलों पर प्रभावी रोक लगाने के लिए सतर्कता बढ़ा दी गई है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक का कहना है कि पुलिस की कार्रवाई के तहत, एक ही दिन में 5 संदिग्धों को हिरासत में लिया गया, 24 घंटे में 24 साइबर अपराध के मुकदमे दर्ज, कई थाना क्षेत्रों में लगातार छापेमारी और निगरानी, साइबर सेल द्वारा तकनीकी विश्लेषण कर इंटरस्टेट नेटवर्क की जांच की जा रही है।
पुलिस ने फर्जी सिम कार्ड से संचालित सैकड़ों म्यूल खातों पर नजर रखते हुए संदिग्ध नेटवर्क को चिन्हित किया है और जल्द ही इनके खिलाफ बड़ी कार्रवाई की तैयारी है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति का कहना है कि “जनपद में साइबर अपराध किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। म्यूल अकाउंट उपलब्ध कराने वाले, फर्जी सिम कार्ड के माध्यम से खातों का संचालन करने वाले और किसी भी प्रकार से साइबर ठगी में शामिल व्यक्तियों के खिलाफ कठोरतम वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। चारधाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। हेली बुकिंग फ्रॉड या किसी भी प्रकार की ऑनलाइन ठगी को सफल नहीं होने दिया जाएगा।”
”मैं आमजन से अपील करता हूं कि हेली बुकिंग या अन्य ऑनलाइन सेवाओं के लिए केवल अधिकृत वेबसाइट का ही उपयोग करें। किसी भी अनजान लिंक, कॉल या मैसेज पर अपनी व्यक्तिगत या बैंकिंग जानकारी साझा न करें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 या नजदीकी थाना में दें।”





















