


– इंडिया नज़र ब्यूरो | रुद्रपुर – उत्तराखंड के ऊधम सिंह नगर जनपद के रुद्रपुर शहर में कांग्रेसी पार्षद एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री और किच्छा विधायक तिलक राज बेहड़ के सुपुत्र सौरभ राज बेहड़ पर हुए जानलेवा हमले के मामले में अब तक किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है। घटना के बाद से उनके समर्थकों और स्थानीय नागरिकों में भारी आक्रोश व्याप्त है, वहीं कानून व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।
बीती शाम आवास विकास क्षेत्र में हुए इस हमले को लेकर राजनीतिक हलकों में हलचल तेज है। हालांकि पुलिस का कहना है कि मामले की जांच लगातार जारी है और कई अहम सुराग पुलिस के हाथ लगे हैं। इसके बावजूद हमलावरों की गिरफ्तारी न होने से लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
बीती शाम आवास विकास क्षेत्र में हुए इस हमले को लेकर राजनीतिक हलकों में हलचल तेज है। हालांकि पुलिस का कहना है कि मामले की जांच लगातार जारी है और कई अहम सुराग पुलिस के हाथ लगे हैं। इसके बावजूद हमलावरों की गिरफ्तारी न होने से लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।

इस प्रकरण को लेकर कांग्रेसी नेता गुलशन सिंधी ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि यह हमला किसी सामान्य घटना का परिणाम नहीं है, बल्कि इसके पीछे किसी साजिश और बड़े षड्यंत्र की आशंका है। उन्होंने पुलिस से मांग की कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष और गहन जांच कर न केवल हमलावरों बल्कि उनके आकाओं का भी पर्दाफाश किया जाए, ताकि भविष्य में कोई इस तरह की हिमाकत करने की हिम्मत न कर सके।
गुलशन सिंधी ने कहा कि राजनीति में विचारों का मतभेद हो सकता है, लेकिन इस तरह की हिंसक वारदातें पूरी तरह निंदनीय हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सौरभ बेहड़ पर हमला जानबूझकर और पूर्व नियोजित साजिश के तहत किया गया है। उन्होंने पुलिस से घटनास्थल और आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की गहन जांच कर हमलावरों को जल्द से जल्द गिरफ्तार करने की मांग की, ताकि नगर में कानून का राज कायम रह सके।
उल्लेखनीय है कि पार्षद सौरभ बेहड़ पर हुए इस हमले के बाद न केवल स्थानीय राजनीति में उबाल है, बल्कि आम नागरिकों में भी सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। शहर के विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक संगठनों द्वारा इस घटना की निंदा की जा रही है और लगातार आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग उठाई जा रही है।
फिलहाल पुलिस जांच में जुटी हुई है और लोगों की निगाहें पुलिस की कार्रवाई तथा आने वाले खुलासों पर टिकी हुई हैं। यदि जल्द गिरफ्तारी नहीं हुई तो आक्रोश और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
























