


– इंडिया नज़र ब्यूरो रुद्रपुर – अंकिता भंडारी हत्याकांड की निष्पक्ष सीबीआई जांच की मांग को लेकर रुद्रपुर में जनआक्रोश एक बार फिर सड़कों पर दिखाई दिया। कौशल्या, नंद विहार, आनंद विहार, मैत्री विहार, मां सरस्वती कॉलोनी, हिल व्यू सिटी, फुलसुंगा, फुलसुंगी, बालाजीपुरम सहित अनेक कॉलोनियों के सैकड़ों महिला, पुरुष एवं युवाओं ने दक्ष चौराहे से गोल्ज्यू मंदिर तक कैंडल मार्च निकालकर अंकिता को न्याय दिलाने की मांग उठाई।
कैंडल मार्च के दौरान लोगों ने हाथों में मोमबत्तियां लेकर “अंकिता को न्याय दो” और “सीबीआई जांच कराओ” जैसे नारों के साथ शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध दर्ज कराया। मार्च के समापन पर सभी लोग गोल्ज्यू (गोलू) मंदिर पहुंचे, जहां न्याय के देवता श्री गोलू से अंकिता भंडारी को शीघ्र न्याय दिलाने की प्रार्थना की गई।
किच्छा विधायक तिलक राज बेहड़ ने कहा कि ”अंकिता भंडारी हत्याकांड ने पूरे उत्तराखंड को शर्मसार किया है। यह केवल एक बेटी की हत्या नहीं, बल्कि न्याय व्यवस्था पर भी गंभीर प्रश्न है। उन्होंने कहा कि जब तक इस मामले की निष्पक्ष सीबीआई जांच नहीं होगी, तब तक सच्चाई सामने नहीं आएगी। सरकार को राजनीतिक दबाव से ऊपर उठकर अंकिता के परिवार को न्याय दिलाना चाहिए।” उन्होंने चेतावनी दी कि यदि न्याय नहीं मिला तो जनता का आंदोलन और तेज किया जाएगा।
पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल ने कहा कि ”अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की लड़ाई किसी एक दल की नहीं, बल्कि पूरे समाज की लड़ाई है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रभावशाली लोगों को बचाने का प्रयास किया गया है, जिसे जनता कभी स्वीकार नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि सीबीआई जांच ही एकमात्र रास्ता है, जिससे दूध का दूध और पानी का पानी हो सके। जब तक अंकिता को न्याय नहीं मिलेगा, तब तक यह संघर्ष जारी रहेगा।”
किच्छा विधायक तिलक राज बेहड़ ने कहा कि ”अंकिता भंडारी हत्याकांड ने पूरे उत्तराखंड को शर्मसार किया है। यह केवल एक बेटी की हत्या नहीं, बल्कि न्याय व्यवस्था पर भी गंभीर प्रश्न है। उन्होंने कहा कि जब तक इस मामले की निष्पक्ष सीबीआई जांच नहीं होगी, तब तक सच्चाई सामने नहीं आएगी। सरकार को राजनीतिक दबाव से ऊपर उठकर अंकिता के परिवार को न्याय दिलाना चाहिए।” उन्होंने चेतावनी दी कि यदि न्याय नहीं मिला तो जनता का आंदोलन और तेज किया जाएगा।
पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल ने कहा कि ”अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की लड़ाई किसी एक दल की नहीं, बल्कि पूरे समाज की लड़ाई है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रभावशाली लोगों को बचाने का प्रयास किया गया है, जिसे जनता कभी स्वीकार नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि सीबीआई जांच ही एकमात्र रास्ता है, जिससे दूध का दूध और पानी का पानी हो सके। जब तक अंकिता को न्याय नहीं मिलेगा, तब तक यह संघर्ष जारी रहेगा।”
वक्ताओं और प्रतिभागियों ने एक स्वर में कहा कि अंकिता भंडारी हत्याकांड केवल एक परिवार का दर्द नहीं, बल्कि समाज की अंतरात्मा से जुड़ा सवाल है। उन्होंने सरकार से मांग की कि निष्पक्ष सीबीआई जांच कराकर दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
इस अवसर पर मोहन खेड़ा, संजय जुनेजा, पूर्व दर्जा राज्यमंत्री हरीश पनेरू, हरीश मिश्रा, गोपाल पटवाल, राजेंद्र बोरा, दिनेश बम, लाल सिंह, शिशुपाल, हंसी मिश्रा, प्रभा मिश्रा, संजय सिंह, अशोक चोपड़ा, नेहा पांडे, हेमा गोस्वामी, रूपाली चौहान, श्वेता गंगवार, कंचन हरबोला, कल्पना पांडे, दीपक कुमार, आशीष, कैलाश भंडारी, अवधेश महाराज, नागेंद्र तिवारी, हेम पंत, सुनीता, मनीषा पांडे सहित सैकड़ों लोग मौजूद रहे।
इस अवसर पर मोहन खेड़ा, संजय जुनेजा, पूर्व दर्जा राज्यमंत्री हरीश पनेरू, हरीश मिश्रा, गोपाल पटवाल, राजेंद्र बोरा, दिनेश बम, लाल सिंह, शिशुपाल, हंसी मिश्रा, प्रभा मिश्रा, संजय सिंह, अशोक चोपड़ा, नेहा पांडे, हेमा गोस्वामी, रूपाली चौहान, श्वेता गंगवार, कंचन हरबोला, कल्पना पांडे, दीपक कुमार, आशीष, कैलाश भंडारी, अवधेश महाराज, नागेंद्र तिवारी, हेम पंत, सुनीता, मनीषा पांडे सहित सैकड़ों लोग मौजूद रहे।
























