


– पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल ने श्याम बाबा के चरणों में नवाया शीश,
– इंडिया नज़र ब्यूरोरुद्रपुर – सामिआ लेक सिटी परिसर में श्री श्याम मित्र मंडल की ओर से शनिवार रात्रि को आयोजित श्री श्याम संकीर्तन में भक्ति और श्रद्धा का अद्भुत संगम देखने को मिला। देर रात तक चले इस संकीर्तन में श्याम बाबा की महिमा का ऐसा भावपूर्ण गुणगान हुआ कि श्रद्धालु भक्ति रस में सराबोर होकर झूम उठे।
कार्यक्रम में लोकप्रिय भजन गायक आलोक श्रीवास्तव, मास्टर बॉबी और निशा अरोर ने एक से बढ़कर एक भजन प्रस्तुत किए। “खाटू वाला आया रे, बुलावा तेरा आया रे” “श्याम बाबा की जय” जैसे भजनों पर श्रद्धालु घंटों तक झूमते रहे और पूरा वातावरण “श्याममय” हो उठा।
संकीर्तन में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल ने बाबा श्याम के चरणों में शीश नवाया और नगरवासियों की सुख, शांति व समृद्धि की कामना की। इस अवसर पर आयोजकों द्वारा उन्हें स्मृति चिन्ह भेंट कर मंच पर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में लोकप्रिय भजन गायक आलोक श्रीवास्तव, मास्टर बॉबी और निशा अरोर ने एक से बढ़कर एक भजन प्रस्तुत किए। “खाटू वाला आया रे, बुलावा तेरा आया रे” “श्याम बाबा की जय” जैसे भजनों पर श्रद्धालु घंटों तक झूमते रहे और पूरा वातावरण “श्याममय” हो उठा।
संकीर्तन में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल ने बाबा श्याम के चरणों में शीश नवाया और नगरवासियों की सुख, शांति व समृद्धि की कामना की। इस अवसर पर आयोजकों द्वारा उन्हें स्मृति चिन्ह भेंट कर मंच पर सम्मानित किया गया।

अपने संबोधन में ठुकराल ने कहा कि श्याम बाबा की भक्ति हमें मानवता, सेवा और त्याग का संदेश देती है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के धार्मिक आयोजन समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं, लोगों को भक्ति से जोड़ने और आध्यात्मिक दिशा देने का कार्य करते हैं। साथ ही उन्होंने युवाओं से भारतीय संस्कृति और परंपराओं से जुड़े रहने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में समाजसेवी संजय ठुकराल, गगन ग्रोवर, आनंद शर्मा,श्याम मित्र मंडल से अमर कोली, विनाश शर्मा, राहुल कोली, विक्रम, राजेन्द्र, मनदीप वर्मा, हरमन सिंह, टोनी शेरगिल, अशोक शर्मा, सोबन नाथ, यश, राकेश तिवारी, अवनीश सक्सेना, अजीत शर्मा, पंकज कुमार, राजेन्द्र सिंह, अंकुर कुमार, सुमित, पारस, अजय बहादुर, अजय गुप्ता, रूद्रा समेत अनेक श्रद्धालु एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।





















