



– इंडिया नज़र ब्यूरो
रुद्रपुर – ऊधम सिंह नगर ज़िले में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के दूसरे चरण की सरगर्मियां शनिवार शाम 5 बजे के बाद थम गईं और इसके साथ ही प्रत्याशियों का जनसंपर्क, रैलियाँ, और प्रचार वाहन बंद हो चुके हैं। अब पूरा ज़ोर मतदान की तैयारियों पर है।
रुद्रपुर सहित तीन ब्लॉकों में 28 जुलाई को वोट डाले जाएंगे। प्रशासन बूथ स्तर तक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने में जुटा है, वहीं प्रत्याशियों के समर्थक अब एक-एक मतदाता को निजी तौर पर साधने में व्यस्त हैं।
भंगा : गंगवार परिवार ने झोंकी ताकत,
भंगा वार्ड नंबर 17 पर इस बार जिले भर के राजनीतिक पंडितों की नजरें टिकी हैं। यह सीट बीते दो दशकों से गंगवार परिवार के कब्जे में रही है। पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष ईश्वरी प्रसाद गंगवार के परिवार की बहु रेनू गंगवार यहां से चुनावी मैदान में हैं। वह इस समय निवर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष हैं और एक बार पुनः चुनाव जीतकर इतिहास रचने की तैयारी में हैं — कांग्रेस समर्थित बुशरा मलिक (पत्नी शाहनवाज़ मलिक) और भाजपा समर्थित प्रत्याशी शिवांगी गंगवार जो कि हाईकोर्ट की अधिवक्ता भी हैं। तीनों प्रत्याशी ने अपने-अपने जातीय, सामाजिक और राजनीतिक समीकरण साधने की पूरी कोशिश की है।
भंगा सीट पर कुल मतदाताओं की संख्या करीब 24,000 है, जिनमें से 33% मुस्लिम वोटर निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं। मुस्लिम वोटों के बंटवारे या एकमुश्त समर्थन से हार-जीत का फैसला संभव है। अगर रेनू गंगवार यहां से जीत दर्ज करती हैं तो यह संकेत होगा कि गंगवार परिवार एक बार फिर जिला पंचायत अध्यक्ष पद की दौड़ में सबसे आगे है।
कुरैया सीट भी हॉट बनी, शुक्ला बनाम बेहड़ की साख का मुकाबला
वहीं वार्ड नंबर 14 कुरैया में भी सियासी पारा चढ़ा हुआ है। उत्तराखंड आवास परिषद के पूर्व अध्यक्ष उपेंद्र चौधरी की पत्नी कोमल चौधरी यहां भाजपा प्रत्याशी के रूप में मैदान में हैं। उनके समर्थन में भाजपा विधायक राजेश शुक्ला, जो किच्छा और रुद्रपुर से विधायक रह चुके हैं, ने पूरी ताकत झोंक दी है।
कोमल चौधरी को कड़ी टक्कर मिल रही है कांग्रेस समर्थित प्रत्याशी सुनीता सिंह से, जो अधिवक्ता सर्वेश सिंह की पत्नी हैं। उनके पक्ष में किच्छा के वर्तमान विधायक तिलकराज बेहड़ ने मोर्चा संभाल रखा है। ऐसे में यह सीट सीधे तौर पर दो दिग्गज नेताओं — शुक्ला और बेहड़ — की साख का मुद्दा बन गई है।
28 जुलाई को वोटिंग, 31 को परिणाम
जिले के ग्रामीण लोकतंत्र की दिशा तय करने वाले इस चुनाव का परिणाम 31 जुलाई को घोषित किया जाएगा। 28 जुलाई को मतदान के बाद सभी प्रत्याशियों की किस्मत ईवीएम में कैद हो जाएगी। इस बार के चुनाव न सिर्फ़ ग्राम स्तर की सरकारों की तस्वीर तय करेंगे, बल्कि कई राजनीतिक घरानों और वरिष्ठ नेताओं की ज़मीन भी नापेंगे।
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‘ इंडिया नजर ‘
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