
किच्छा – प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल की किच्छा नगर इकाई के चुनाव पर हाई कोर्ट ने रोक लगा दी है। अब यह चुनाव कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही संपन्न हो सकेंगे। इस रोक के कारण चुनाव लड़ रहे प्रत्याशियों को कुछ महीने का इंतेज़ार करना पडेगा।
व्यापार मंडल के इस चुनाव को लेकर काफी राजनीतिक घमासान मचा हुआ था। जिससे भाजपा के पूर्व विधायक राजेश शुक्ला और विधायक तिलक राज बेहड़ धरने पर बैठ गये थे। विवाद की शुरुआत चुनाव समिति और जिला अध्यक्ष के रवैये को लेकर हुई थी। इस मामले की शिकायत व्यापार मंडल के वर्तमान महामंत्री विजय अरोरा द्वारा चुनाव की पारदर्शिता को लेकर उपजिलाधिकारी और उपनिबंधक हल्द्वानी से की गई थी।


विजय अरोरा का कहना था कि वो चुनाव के विरोध में नहीं है, लेकिन आनन फानन में चुनाव की घोषणा करना सही नहीं था। पहले पदाधिकारियों को विश्वास में लेकर प्रक्रिया को पूरा करके चुनाव को कराना था।
इस मामले को लेकर विजय अरोरा द्वारा अपने विद्वान अधिवक्ता योगेश पांडेय के माध्यम से हाई कोर्ट नैनीताल में रिट पिटीशन संख्या- 2051/2024 दायर की गई थी। जिसमे प्रांतीय उद्योग मंडल समिति, जिला अध्यक्ष सहित कई लोगो को प्रतिवादी बनाया गया था।
मामले की सुनवाई जस्टिस मनोज कुमार तिवारी की बेंच में हुई और उन्होंने सभी तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर चुनाव पर रोक लगा दी है।

अब प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल के पास उपजिलाधिकारी हल्द्वानी के यहां लंबित वाद के निस्तारण के बाद ही अग्रिम कार्यवाही करने का रास्ता बचा है। किच्छा के उपजिलाधिकारी कौस्तुभ मिश्रा द्वारा दिये गये चुनाव रोकने के आदेश कानूनी प्रक्रिया के तहत सही थे।
रिट दायर करने वाले व्यापार मंडल के महामंत्री विजय अरोरा ने अपने कार्यालय पर पत्रकार वार्ता आयोजित कर हाई कोर्ट के आदेश की जानकारी दी। उनके साथ कोषाध्यक्ष नितिन फुटेला भी थे। उन्होंने कहा कि सच्चाई की जीत हुई है और झूठे का मुँह काला हुआ है।
बहरहाल कानूनी प्रक्रियाओ की इस लड़ाई ने राजनीतिक रूप ले लिया था, अब देखना यह होगा कि व्यापार मंडल के चुनाव कब होते है। फिलहाल तो चुनाव मैदान में उतरे सभी प्रत्याशियों के सपने चनाचूर हो गए है।





















