
रुद्रपुर – मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से मिले पांच हज़ार रूपये के चैक के बदले धन वसूली करने की कोशिश करने वाले अभियुक्त जावेद और सुरजीत शर्मा की गिरफ्तारी के बाद भी मामला ठंडा होता दिखाई नहीं दे रहा है। इस मामले में पूर्व विधायक राज कुमार ठुकराल ने भी पत्रकार वार्ता करके एसएसपी पर गंभीर आरोप लगाए है।
वही इस मामले में विधायक शिव अरोरा ने भी प्रेस वार्ता करके पलट वार किया है। विधायक शिव अरोरा ने कहा कि चैक प्रकरण में एसएसपी ने टीम गठित की थी। इसके बाद ज़ावेद नाम के व्यक्ति की गिरफ्तारी हुई थी। पुलिस ने तह तक जाते हुए मुख्य सजिशकर्ता सुरजीत शर्मा को भी गिरफ्तार कर लिया था।

शिव अरोरा ने आरोप लगाया कि कि नई ऑडियो आने के बाद यह जानकारी मिली कि ज़ावेद को इन सब कार्य मे लगाने वाला सुरजीत शर्मा हीं था। जिसने उसको सब जानकारी दी ओर लाभार्थी को फोन करवाया।
विधायक शिव अरोरा ने कहा कि उन्हें पूर्व में शंका थी कि जावेद के पीछे कोई सूत्रधार है और वो सूत्रधार सुरजीत शर्मा निकलता है, इस प्रकरण में दोनों ही दोषी है। उन्होंने कहा कि सुरजीत शर्मा पूर्व जनप्रतिनिधि के करीबी है। उनकी कई फोटो पूर्व जनप्रतिनिधि के साथ है,जो दर्शाता है कि वह षड़यंत्रकारी पूर्व जनप्रतिनिधि के कितने करीबी है।
विधायक शिव अरोरा ने आरोप लगाया कि यह सुनीयोजित सजिश थी वरना एक छोटे चैक राशि के बदले आधे से ज़्यादा रिश्वत मांगना समझ के परे है। इसके पीछे सोचा समझा षड़यंत्र था। जिसमे सुरजीत शर्मा द्वारा ज़ावेद को आगे करके षड्यंत्र रचा गया था।
विधायक शिव अरोरा ने कहा पूर्व जनप्रतिनिधि द्वारा पुलिस की कार्य प्रणाली पर सवाल उठाना उनकी छटपटाहट को दर्शाता है। यही नहीं, ज़ब पुलिस ने सुरजीत शर्मा को गिरफ्तार किया तो उसको उसको छुड़वाने पूर्व नेता चौकी पहुंच जाते हैं। इससे पता लगता है कि ऐसे लोगो को संरक्षण कौन देता है,
विधायक शिव अरोरा ने कहा पूर्व जनप्रतिनिधि की मंशा सरकार की कार्य प्रणाली,सरकार की व्यवस्था व जनकल्याण मे लगे प्रदेश के मुख्यमंत्री ओर मुख्यमंत्री राहत कोष और यहाँ के जनप्रतिनिधि को बदनाम करना या सवालिया निशान लगाने जैसे नजर आ रहा है।
उन्होंने कहा कि आर्थिक चैक बाटने की प्रकिया इतनी पारदर्शी है कि कोई भी भ्रष्टाचार की संभावना हीं नहीं है। इसमें लाभार्थी को उसका चैक आधार कार्ड देख कर और हस्ताक्षर करवा के हीं दिया जाता है, अन्य कोई व्यक्ति इसको किसी भी सूरत मे प्राप्त नहीं सकता। ऐसे गिरोह कौन चला रहा है इसकी पुलिस को गहनता से जांच करनी चाहिए ओर इनके पीछे कौन लोग है इसका भी खुलासा होना चाहिए।
विधायक शिव अरोरा चेतावनी देते हुए कहा कि ”भ्रष्टाचार के खिलाफ कोई भी हो, उसको बख्शेगे नहीं। प्रदेश की धामी सरकार जीरो टोलरेंस कि नीति पर कार्य कर रही है। मैं भी जनप्रतिनिधि की हैसियत से पूरी ईमानदारी से कार्य कर रहा हूँ।”
प्रेस वार्ता के दौरान दर्जा मंत्री उत्तम दत्ता, प्रदेश मंत्री विकास शर्मा, भाजपा मंडल अध्यक्ष धीरेश गुप्ता, धर्म सिंह कोली, सुरेश कोली, के के दास, वेद ठुकराल, तरुण दत्ता, गुन्नू चौधरी, राजेश जग्गा, किरन विर्क, मयंक कक्कड़, राधेश शर्मा, बिट्टू शर्मा व अन्य लोग मौजूद थे।





















