
– नाहिद खानरुद्रपुर – उस संस्था का नाम ही ‘ज़िन्दगी ज़िंदाबाद’ है,जो अपने हौसले से लोगो की ज़िन्दगियों को बचाने के लिये क्षेत्र में अहम् हिस्सा बनी हुई है। चाहें पांच रूपये में भूखो को खाना खिलाना हो या कोरोना जैसी महामारी के दौरान ज़िन्दगी मौत से जूझ रहे मरीज़ो को ऑक्सीजन सिलेंडर पहुँचाना हो। उनकी समाजसेवा में कोई सानी नहीं है,बेमिसाल है उनकी सेवा,जो रात दिन सेवा में लगी हुई है।
आक्सीजन सेवा
दूसरी लहर में सबसे ज़्यादा मरीज़ो मौत ऑक्सीजन न मिलने की वजह से हुई,ऑक्सीजन के लिये मारामारी लगी हुई थी। ऐसे में ज़िन्दगी ज़िंदाबाद के संस्थापक करमजीत चाना ने शुरू में निर्णय लेकर पोर्टेबल आक्सीजन सिलेंडर से लोगो की ज़िन्दगियों को बचाने की सेवा शुरू की और बाद में करीब एक दर्जन से ज़्यादा ऑक्सीजन कंसंट्रेटर और जंबो ऑक्सीजन सिलेंडर को जमा कर उसकी लेकर निशुल्क सेवा शुरू कर दी। ‘ज़िन्दगी ज़िंदाबाद’ की टीम में समाजसेवा की भावना से जुड़े दो दर्जन से ज़्यादा युवा मेम्बरो की टीम से जोड़ा जो किसी चट्टान की तरह कोरोना या कोई भी सेवा के लिए मोर्चा लेने के लिये हमेशा तैनात रहती है। जिसे तकनीकी रूप से प्राथमिक उपचार की जानकारी भी है।

पाँच रूपये में भोजन सेवा
नगर क्षेत्र में सिडकुल के औधोगिक क्षेत्र से जुड़े मज़दूरों और गरीब लोगो को भोजन मुहैया कराने के लिये ‘ज़िन्दगी ज़िंदाबाद‘ ने पहल कर सिर्फ पाँच रूपये में भोजन सेवा शुरू की। यह सेवा पिछले डेढ़ साल से अधिक समय से चल रही है। जिससे गरीब भूखे गरीब मज़दूर लाभ उठा रहे है साथ ही भिखारियों और असहाय लोगो को फ्री में भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। इस सेवा की पूरे क्षेत्र में काफी प्रशंसा की जा रही है।
पाँच नंबर का क्या है महत्व
‘ज़िन्दगी ज़िंदाबाद’ के संस्थापक करमजीत चाना से जब सिर्फ पाँच रूपये की भोजन सेवा उपलब्ध कराने पर पूछा गया, तो उनका कहना था कि मनुष्य की उत्पत्ति ही पाँच तत्वों से हुई है ,सभी धर्मो में इसका महत्व है, जैसे पाँच पीर,पाँच पाण्डव,पांच ककार,पाँच प्यारे और पाँच वक्त की नमाज़। अब आप समझ सकते हो कि ऐसे प्यारे पाँच अंक को हमने महत्व क्यों दिया। आज सभी के गुरुओ के आशीर्वाद से हम अपना काम बखूबी अंजाम दे पा रहे है।

मेंबर है ‘ज़िन्दगी ज़िंदाबाद’ की आक्सीजन
किसी भी संस्था का मज़बूत पिलर उसके मेंबर होते है,ऐसे ही ज़िन्दगी ज़िंदाबाद के संस्थापक करमजीत सिंह चाना ने परदे के पीछे छुपे अपने क्राउन मेंबरो को असली नायक माना है। उनका कहना है कि उनके दान और दूसरे डोनेशन की बदौलत यह सेवा चल रही है। ज़िन्दगी ज़िंदाबाद के मेंबर उसके साथ मज़बूती से खड़े हुए है। उनके लिये कभी भी आर्थिक समस्या खड़ी नहीं हुई। जब भी आमजन से जुडी कोई सेवा हुई दर्जनों हाथ उनकी मदद को आगे आ गये।
खुद कोरोना से परिवार रहा है पीड़ित
‘ज़िन्दगी ज़िंदाबाद’ के संस्थापक करमजीत सिंह चाना और उनका परिवार भी कोरोना की चपेट में आ गया था,किन्तु इसके बाद भी उन्होंने और उनकी टीम ने हिम्मत नहीं हारी और अपनी टीम को फोन पर हौसला देते रहे और ज़रूरतमंदो की सेवा करवाते रहे। उनके हौसले के दम पर मुश्किल वक्त में भी ज़िन्दगी ज़िंदाबाद लोगो की ज़िन्दगी रोशन कर रही है। ऐसे हौसले और ज़ज़्बे को ‘इंडिया नज़र’ का सलाम,नमस्ते,वाहेगुरु जी का खालसा वाहेगुरु जी की फतह !





















