– रीता सिंह
संकलन – प्रदीप फुटेला
आज विश्व के जो हालात है उसके लिए इम्यूनिटी सिस्टम बढ़ाने पर ज्यादा बल दिया जा रहा हैं। अगर हमारा इम्यूनिटी सिस्टम अच्छा होगा तब हम किसी भी बीमारी से बच के रह सकते हैं । इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए अच्छा खान पान,योगा,व्यायाम,ध्यान,ताजी हवा,धूप स्वच्छ पानी और स्वच्छता की बहुत जरूरत हैं।
आजकल लोग जंक फूड पर ज्यादा निर्भर रहते हैं जो सिर्फ हमे स्वाद देता है सेहत नही। कभी कभी स्वाद के लिए जंक फूड खाना गलत नही हैं, लेकिन इसको रोजमर्रा की जिंदगी में एक आदत बना लेना बहुत ही गलत है। हमे हरे साग सब्जी, फल और अंकुरित अनाज को अपनी दिनचर्या में शामिल करना चाहिए। नियमित रूप से योगा व्यायाम और ध्यान की भी आदत डालनी चाहिए। सबसे ज्यादा जरूरत स्वच्छता से रहने की है। बार बार हाथ धोने की आदत, बाहर से आने के बाद हाथ पैर धोना ये आदत बना लेनी चाहिए। इन सब से हमारी इम्यूनिटी अच्छी होगी और हम स्वस्थ रहेंगे।
लेकिन क्या आज सिर्फ इम्यूनिटी बढ़ाने की जरूरत है ? क्या सिर्फ इम्यूनिटी बढ़ाने ने सब कुछ ठीक हो जाएगा ? नही, आज हम सबको इम्यूनिटी बढ़ाने के साथ साथ हिम्यूनिटी यानी की मानवता बढ़ाने की जरूरत बहुत ज्यादा है। आज लोग मानवता भूल चुके हैं। देश एक महान संकट कोविद 19 से गुजर रहा है। काफी लोगो की मृत्यु सिर्फ हिम्यूनिटी (मानवता) खो चुके लोगों की वजह से हुई है। अगर उनको समय पर अस्पताल में बेड, ऑक्सीजन और दवाइयां मिल जाती तो शायद उनकी मृत्यू नही होती। लेकिन काला बाजारी करने वालों को इस से कोई फर्क नही पड़ता, क्यों कि वो इंसान नहीं बल्कि इंसान के वेश में दरिंदे हैं।
वो इंसानियत, दया, प्रेम सब से अलग हैं, सबसे पहले इन काला बाजारी करने वालों को ये सोचना चाहिए कि यदि इनके परिवार में किसी को ये महामारी हो गई और ईश्वर न करे कि सब कुछ होते हुए भी उसकी मृत्यू हो गई तब ये लोग क्या करेंगे ? ऐसे लोगों को सोचना चाहिए कि जब एक परिवार में किसी एक की भी मृत्यु होती है। तो पूरा परिवार दुख के अंधकार में डूब जाता हैं। यहां तो लाखों लोग मर चुके हैं, कितने परिवारो की बरबादी के जिम्मेदार हैं ये लोग ।
काला बाजारी करने वालों के अलावा और भी सभी लोगो को सोचने की जरूरत है । जैसे कहीं पर किसी के साथ दुर्घटना हो जाती है तो कुछ लोग तो मदद करते हैं लेकिन कुछ लोग मदद करने की बजाए वीडियो बनाने में ज्यादा माहिर होते हैं। ऐसे लोगों को अगर वीडियो बनाना बंद कर के उसकी मदद करें, तो शायद किसी की जान बच सकती हैं। सबसे जरूरी बात – आज मास्क लगाने और सोशल डिस्टेंसिंग के लिए बार बार कहा जाता है। लेकिन लोग नही मानते, लोगों को मास्क पहनने और बिना जरूरत बाहर न निकलने के लिए पुलिस अपनी जान जोखिम में डाल कर सड़कों पर पहरा देती हैं। लेकिन इंसानियत को शर्मसार करते लोग समझ ही नही पाते।
बिना वजह सड़को पर बिना मास्क के घूमते हैं और पुलिस द्वारा रोकने पर पुलिस से ही लड़ाई कर के अपनी बेवकूफी का प्रमाण भी देते हैं. क्या आप जानते हैं कि आपको सुरक्षित रखने के प्रयास में कितने ही पुलिस के जवान कोरोना संक्रमित हो जाते हैं। लेकिन ऐसे लोग जो बिना वजह दूसरों की जान जोखिम में डालते हैं वो शायद इंसान है ही नही। इंसान के नाम पर वो एक कलंक हैं। ऐसे लोगो की वजह से ही पिछले साल से मेडिकल स्टाफ अभी तक चैन की सांस नही ले सका हैं। लापरवाही की वजह से कॉविड 19 के केस बढ़ते ही जा रहे हैं। जरा मेडिकल स्टाफ के बारे में सोचिए।
आपका इलाज करने के लिए ये सब भी अपनी जान जोखिम में डाल कर आपको स्वस्थ करने की कोशिश में लगे रहते हैं । मेडिकल विभाग, पुलिस विभाग और सफाई कर्मचारी ये लोग भी हमारी तरह इंसान हैं। ये लोग आपके लिए अपना घर परिवार छोड़ कर आपको बचाने में लगे हैं और आप बिना वजह इन सबकी परेशानी बढ़ा रहे हैं। क्या आपके अंदर इंसानियत या हृदय नाम की कोई चीज है ? जरा एकांत में बैठ कर सोचिए कि कितनो की जिंदगी के हत्यारे आप अनजाने में ही बन चुके हैं। आपकी लापरवाही की वजह से कितने ही पुलिस के जवान डॉक्टर्स नर्सेज अपनी जान गंवा चुके हैं ।
अभी भी वक्त है, संभल जाइए और अपनी इम्यूनिटी के साथ साथ अपनी हिम्यूनिटी भी बढ़ाइए। इंसान बन के जन्म लिया है तो इंसान बन के रहिए । हैवान मत बनिए।





















