⚫ विक्की रस्तोगी
नई दिल्ली – देश में कोरोना संक्रमण के मामलों में तेज बढ़ोतरी को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने अपना ग्रीष्मकालीन अवकाश एक हफ्ते पहले ही आठ मई से करने का फैसला किया है। मुख्य न्यायाधीश एनवी रमण ने पद संभालने के बाद अपने पहले कार्य दिवस पर एक बैठक ली।
🔴 कोरोना संक्रमण के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए प्रधान न्यायाधीश एनवी रमना ने सुप्रीम कोर्ट की नई इमारत में वकीलों के खाली पड़े चैंबर ब्लाक को अस्थाई तौर पर कोविड केयर सेंटर में तब्दील करने के प्रस्ताव को सोमवार को सैद्धांतिक तौर पर मंजूरी दे दी। इसके साथ ही प्रधान न्यायाधीश ने सुप्रीम कोर्ट की गर्मी की छुट्टियां एक सप्ताह पहले यानी आठ मई से करने पर भी सैद्धांतिक सहमति देते हुए विचार करने की बात कही है।
🟠 सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (एससीबीए) ने रविवार को प्रधान न्यायाधीश को पत्र लिखकर कोरोना महामारी के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट की नई इमारत में खाली पड़े वकीलों के चैंबर ब्लाक को अस्थाई तौर पर कोविड केयर सेंटर या फील्ड अस्पताल में तब्दील करने की इजाजत मांगी थी। नई इमारत में तीन हाल हैं, जो फिलहाल खाली पड़े हैं। एक हाल में 20 बेड तक लग सकते हैं।
🟤 इस तरह तीन हाल में 60 बेड तक आ सकते हैं। वकीलों के चैंबर भी हैं। लेकिन इस बारे में अधिकारियों के साथ बैठक होने के बाद ही परिस्थिति के मुताबिक कैसे क्या होगा, यह तय हो पाएगा। प्रधान न्यायाधीश के साथ बैठक के बाद एससीबीए ने नई दिल्ली के डीएम को पत्र लिखा है, जिसमें टीम भेज कर कोविड केयर सेंटर बनाने के लिए जल्दी से जल्दी सुप्रीम कोर्ट की नई इमारत का मुआयना करने का अनुरोध किया गया है।
🟢 एससीबीए दिल्ली सरकार के अधिकारियों से इस बारे में बातचीत कर रहा है और इस बाबत एक ब्लूप्रिंट तैयार करके मुख्य न्यायाधीश को भेजा जाएगा। एससीबीए के सचिव अरुधेंदु मौलि कुमार ने यह भी कहा कि प्रधान न्यायाधीश गर्मी की छुट्टियां भी एक सप्ताह पहले यानी आठ मई से करने पर सैद्धांतिक सहमति देते हुए विचार करने को राजी हो गए हैं।
(विक्की रस्तोगी हाई कोर्ट इलाहाबाद के वरिष्ठ अधिवक्ता है)





















