
– नाहिद खान
ऊधम सिंह नगर – जिले के एसएसपी दलीप सिंह कुंवर के निर्देश पर जिले में पुलिस ने बच्चो को शिक्षित करने के अलावा नशे के खिलाफ जागरूक करने की नई पहल शुरू की है। अब जिले के पुलिस थानों और पुलिस चौकियों में स्कूली बच्चो की क्लास लगाईं जा रही है। जिसमे बर्दीधारी पुलिस अधिकारी टीचर की भूमिका में नज़र आ रहे है। पुलिस अब जिले में क्राइम रोकने के साथ ही बच्चो को कानून का पाठ भी पढ़ा रही है। इस अनोखी पहल की पूरे जिले में तारीफ़ की जा रही है।

आप जो यह तस्वीरें देख रहे है,यह कोई स्कूल या कॉलेज का क्लास रूम नहीं है,बल्कि यह जसपुर कोतवाली है। जंहा स्कूल के बच्चो को पढ़ाने के लिए कोतवाली के बाहर ही क्लास रूम स्कूल बना दिया गया है। इन स्कूली बच्चो को अभी से कानून का पाठ पढ़ाया जा रहा है,जिससे उनके भीतर इसे पालन करने की क्षमता विकसित हो सके। नशे जैसी सामाजिक बुराई के खिलाफ भी पुलिस अधिकारी टीचर बन कर बच्चो में जागरूकता पैदा कर रहे है। इसके साथ ही बच्चो को अपराधियों से अपना बचाव करने का सबक भी पुलिस के क्लास रूम में दिया जा रहा है।

ऊधम सिंह नगर का जसपुर कोतवाली अकेली नहीं है बल्कि कई थानो और पुलिस चौकियों ऐसी स्कूली बच्चो को क्लासे चल रही है। जी हां ! पुलिस के आला पुलिस अधिकारी सहित पुलिस कर्मी स्कूलों में टीचर के रूप में बच्चो को पढ़ा रहे है । इससे बच्चो के भीतर पुलिस का खौफ भी कम हो रहा है और उनके भीतर अभी से नशे की लत के खिलाफ जागरूकता आ रही है, वही उन्हें कानून की भी जानकारी मिल रही है।
स्कूली छात्रों का कहना है उन्हें कोतवाली लगाईं गई क्लास से अच्छे बुरे का ज्ञान मिला है,साथ ही पुलिस ने एक पाठ के रूप में में नशे न करने की हिदायत भी दी। उन्हें कानून का पालन करने का पाठ भी पढ़ाया है, जो उन्हें बहुत अच्छा लगा है। इससे अब समझ गये है कि क्या सही है और क्या गलत है

जसपुर कोतवाली में टीचर की भूमिका में बच्चो की क्लास लेने वाले कोतवाल जगदीश देउपा का कहना है कि स्कूली बच्चो को कोतवाली में बुला कर नशे के प्रति जागरूक किया गया और नशा न करने की हिदायत दी गई,वहीं कानून का पाठ पढ़ाते हुए उन्हें खुद रक्षा करने के गुण भी सिखाये गये। इससे बच्चो के भीतर अच्छे संस्कार आयेंगे और बुराई के खिलाफ वो जागरूक भी रहेंगे।





















