

रुद्रपुर – आँखे अनमोल होती है,इसके बिना ज़िन्दगी में अन्धेरा ही छाया रहता है। जब तक हमारा जीवन है,हमारी आँखे सब कुछ देखती है। लेकिन मृत्यु के बाद भी हमारी आँखे किसी की अंधेरी दुनिया को रोशन कर दे तो उससे बड़ा कोई उपकार नहीं हो सकता है। ऐसा ही उपकार कराने के लिये भारत विकास परिषद सक्रिय है। जो ‘नेत्रदान महादान’ के स्लोगन को पूरा कराने में जुटी हुई है।

(स्वर्गीय प्रेम ठुकराल)
ताज़ा नेत्रदान आज नगर के प्रसिद्ध व्यवसायी प्रेम ठुकराल के 58 वर्ष की आयु में आकस्मिक निधन के बाद भारत विकास परिषद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुनील खेड़ा के प्रयासों से हो सका। प्रेम ठुकराल के परिजनो ने स्वेच्छा से नेत्रदान करने का फैसला लिया। अब उनकी दान की हुई आँखे किसी की अंधयारी दुनिया में रौशनी बिखेरेंगी,जो किसी पुण्य से कम नहीं है।
सी एल गुप्ता चेरिटेबल ट्रस्ट की टीम ने दीपक के नेतृत्व में मुरादाबाद से आकर नेत्रदान कार्य को सम्पन्न किया। इस क्षेत्र में नेत्रदान कार्यक्रम लिये भारत विकास परिषद की शाखाये काम कर रही है।
भारत विकास परिषद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुनील खेड़ा का कहना है कि यदि किसी को भी नेत्रदान करना है, तो वो भारत विकास परिषद के सदस्यों से संपर्क कर सकता है। यह सबसे बड़े पुण्य का काम है कि जिन आँखों से हम अपनी ज़िन्दगी सवारते है,हम अपनी मृत्यु के बाद भी दूसरो की ज़िन्दगी में भी रंगत बिखेर सकते है।
प्रसिद्ध व्यवसायी प्रेम ठुकराल के अकस्मात देहावसान पर क्षेत्रीय विधायक राजकुमार ठुकराल ने उनके निवास पर पहुंच कर अपना दुःख व्यक्त किया और नेत्रदान के निर्णय को महान कार्य बताया। नेत्रदान के समय भारत विकास परिषद से नरेंद्र अरोरा,संजय कुमार,संजय ठुकराल आदि सदस्य उपस्थित थे।





















