
रुद्रपुर – उत्तराखंड के ऊधम सिंह बॉर्डर पर किसानो को रोकने के लिये पुलिस के पसीने छूट रहे है,लेकिन किसान आंदोलन में शामिल होने के लिये दिल्ली कूच करने के लिए किसान और उनके समर्थक नेता पुलिस और बॉर्डर को धत्ता बता कर बॉर्डर पार कर ले रहे है।
तराई से किसानों के दिल्ली कूच का ऐलान के बाद कांग्रेस के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री तिलकराज बेहड़ ने भी दिल्ली जाने के लिये अपने कार्यकर्ताओ और किसानो को गाड़ियों सहित बुलवा लिया था। लगभग चालीस गाड़ियों के काफिले के साथ तिलक राज बेहड़ ने पुलिस प्रशासन की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था को सेंध कर उत्तर प्रदेश की सीमा में प्रवेश कर लिया।
यहां सवाल यह उठता है कि क्या पुलिस ने ही उन्हें बॉर्डर पार करने के लिए रास्ता दिया अथवा वो किसी दूसरे रास्ते से अपने काफिले को उत्तर प्रदेश ले जाने में कामयाब रहे ?

जानकार सूत्रों की माने तो तिलक राज बेहड़ का काफिला डिबडिबा के रस्ते से होते हुए उत्तराखंड की सीमा पार कर गया। जबकि इस बॉर्डर पर भी उत्तर प्रदेश सहित उत्तराखंड की पुलिस भारी संख्या में तैनात थी। लेकिन सवाल वही है क्या इन्हे रोका नहीं गया ? या यह सुरक्षाकर्मियों के आने से पहले ही निकल गये ?
विश्वस्त्र सूत्रों का कहना है कि तिलक राज बेहड़ अपने काफिले के साथ दिल्ली रवाना हो गए है। पुलिस भी किसानो के कोभाजन से बचने के लिए किसानो को समझने में लगी हुई है। लेकिन आंदोलनकारी किसान किसी की नहीं सुन रहे है।





















