
रूद्रपुर – नगर में यातायात व्यवस्था को पटरी पर लाने और यातायात नियमो का पाठ पढ़ाने के उद्देश्य से स्थापित की गई सिटी पेट्रोलिंग यूनिट जिसे सीपीयू के नाम से भी पुकारा जाता है।लगता है अब यह अपने उद्देश्य से भटक गई है और वो सिर्फ व्यापारियों का उत्पीड़न कर रही है
यह आरोप भाजपा जिला मीडिया प्रभारी एवं पूर्व पार्षद ललित मिगलानी ने प्रेस को दिए अपने ब्यान में लगाये है। उन्होंने शहर में तैनात सिटी पेट्रोलिंग यूनिट को कार्यप्रणाली सुधरने की नसीहत दी है।

भाजपा नेता ललित मिगलानी का कहना है कि जिन उद्देश्यों को लेकर सीपीयू की तैनाती की गयी थी, वह उद्देश्य आज भी शत प्रतिशत पूरे नहीं हो रहे है। बेशक सीपीयू की तैनाती के बाद सड़क दुर्घटनाओं में कमी आयी है। कुछ मामलों में सीपीयू ने अपनी कार्यशैली से लोगों को प्रभावित भी किया है। लेकिन आज सीपीयू अपने मूल उद्देश्यों से भटकी हुई नजर आ रही है। सीपीयू का काम अब महज चालान काटने तक ही सीमित नजर आता है। जबकि सीपीयू को शहर की सबसे बड़ी समस्या बिगड़ी यातायात व्यवस्था को सुधारने पर ज्यादा फोकस करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि सीपीयू ऐसे मनचलों और शरारती तत्वों पर भी अंकुश नहीं लगा पा रही है,जो अकसर सड़कों पर फर्राटा भरते हुए वाहनों को बेतरतीब ढंग से चलाकर दूसरों की जान भी जोखिम में डालते हैं। अकसर ही ऐसे युवकों को सीपीयू के सामने ही नियमों की धज्जियां उड़ाते निकल जाते हैं। लेकिन सीपीयू कर्मी उनका पीछा करने की कभी जहमत नहीं उठाते। सीधे साधे लोगों पर अकसर ही सीपीयू कर्मियों को रौब झाड़ते हुए देखा जाता है। सीपीयू की कार्यप्रणाली से व्यवसाइयों को कई बार भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। व्यवसायिक कार्यों में लगे वाहनों के साथ कई बार सीपीयू कर्मी इस तरह पेश आते हैं, जैसे कोई मुजरिम हो। आम तौर पर शहर में व्यापारियों को छोटे वाहनों से दिन भर कई बार अपना सामान इधर उधर भेजना पड़ता है। ऐसे में सीपीयू कर्मी अनावश्यक रूप से ऐसे वाहनों को रोककर उन पर कानूनी कार्रवाई करते देखे जाते है।
मिगलानी का कहना है कि कोरोना काल में व्यापारी पहले ही आर्थिक रूप से टूट चुके हैं ऐसे समय में सीपीयू कर्मियों की कार्यप्रणाली छोटे व्यापारियों के लिए और मुश्किलें खड़ी कर रही है। शहर के भीतर सीपीयू की अनावश्यक चेकिंग के कारण छोटे वाहन चालक शहर के भीतर व्यापारियों का सामान इधर उधर ले जाने से भी कतराने लगे है। मिगलानी ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए सीपीयू को अपनी कार्यप्रणाली में सुधार लाने की आवश्यकता है। सीपीयू प्रशासनिक व्यवस्था का अभिन्न अंग हैं और उनकी कार्यप्रणाली कहीं न कहीं सरकार की छवि को भी प्रभावित करती है। सीपीयू के साथ विवाद के कई बडे मामले शहर में सामने आ चुके हैं इसके बावजूद सीपीयू की कार्यप्रणाली में सुधार न होना कहीं न हीं उनकी मनमानी की ओर इशारा करता है। सीपीयू कर्मी अगर अपने मूल उद्देश्यों पर फोकस करें तो सीपीयू आम जनता के लिए वरदान साबित हो सकती है। लेकिन ऐसा हो नही रहा है।

भाजपा नेता मिगलानी ने कहा कि अकसर शहर के मुख्य बाजार, के अलावा काशीपुर बाईपास रोड, किच्छा बाईपास रोड, रोडवेज के आस पास, डीडी चौक सिविल लाईन आदि क्षेत्रों में जाम की स्थिति रहती है। लेकिन बहुत कम जाम के समय सीपीयू कर्मी नजर नहीं आते,
बल्कि कई बार तो यह भी देखने में आता है कि सड़क पर जाम लग जाता है। सीपीयू कर्मी चालान में ही व्यस्त रहते हैं। इससे ऐसा लगता है कि सीपीयू कर्मियों का काम सिर्फ चालान करना ही रह गया है। सीपीयू कर्मियों को शहर से बाहर चेकिंग के लिए तैनात करने की मांग पूर्व में भी कई बार उठ चुकी है।
इसके बावजूद सीपीयू कर्मी अकसर शहर के पास ही चेकिंग करते नजर आते हैं। रोडेवेज के पास, खेड़ा रोड संजय नगर एव खेड़ा सब्जी मंडी, मुख्य सब्जी मंडी के बाहर, इंडेन गैस एजेंसी के पास, के अलावा काशीपुर बाईपास, आदि स्थानों पर ही सीपीयू अकसर डटी रहती है और ये इलाके शहर से बिल्कुल सटे हुए हैं। जबकि चेकिंग की ज्यादा जरूरत शहर की सीमाओं पर होना ज्यादा आवश्यक है। जिससे न केवल हाइवे पर यातायात के नियमों का पालन हो सके बल्कि शहर मे आने जाने लोगो पर निगरानी रखी जा सके !
भाजपा नेता मिगलानी ने कहा कि इस संबंध मे वह जिलाध्यक्ष,मेयर एव विधायक महोदय के माध्यम से प्रदेश के मुख्यमंत्री एव पुलिस प्रशासन के उच्चधिकारियों को अवगत करवाने का प्रयास करेंगे !





















