– पुनर्गठित SIT की बड़ी कार्रवाई, 15-20 और पीड़ित सामने आने की आशंका
– संगठित अपराध में धारा 111 BNS लागू, अवैध संपत्तियां होंगी जब्त
– इंडिया नज़र ब्यूरो |
– संगठित अपराध में धारा 111 BNS लागू, अवैध संपत्तियां होंगी जब्त
– इंडिया नज़र ब्यूरो | नैनीताल/रुद्रपुर – कुमाऊं परिक्षेत्र में भोले-भाले लोगों को जमीन और निवेश के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले एक बड़े भू-धोखाधड़ी सिंडिकेट का पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। करीब 25 करोड़ रुपये से अधिक की संगठित वित्तीय और भूमि धोखाधड़ी के मामले में पुनर्गठित एसआईटी (SIT) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्य अभियुक्त धनंजय गिरी को गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस के अनुसार, वर्ष 2018 से अब तक इस गिरोह के खिलाफ कुल 9 मुकदमे दर्ज किए जा चुके हैं, जिनमें से 3 मामलों की जांच वर्तमान में गहनता से चल रही है। वहीं, लगभग 15 से 20 अन्य पीड़ितों की शिकायतें भी लगातार पुलिस के संज्ञान में आ रही हैं, जिससे ठगी का दायरा और बड़ा होने की संभावना जताई जा रही है।
पुलिस के अनुसार, वर्ष 2018 से अब तक इस गिरोह के खिलाफ कुल 9 मुकदमे दर्ज किए जा चुके हैं, जिनमें से 3 मामलों की जांच वर्तमान में गहनता से चल रही है। वहीं, लगभग 15 से 20 अन्य पीड़ितों की शिकायतें भी लगातार पुलिस के संज्ञान में आ रही हैं, जिससे ठगी का दायरा और बड़ा होने की संभावना जताई जा रही है।

पुरानी SIT भंग, IG रिद्धिम अग्रवाल ने दिखाई सख्ती
मामले की गंभीरता और जनहित को देखते हुए पूर्व में 4 नवंबर 2025 को अपर पुलिस अधीक्षक हल्द्वानी की अध्यक्षता में SIT गठित की गई थी। लेकिन जांच में अपेक्षित प्रगति और प्रभावी कानूनी कार्रवाई न होने पर कुमाऊं आईजी रिद्धिम अग्रवाल ने 17 अप्रैल 2026 को पुरानी SIT को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया।
इसके बाद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ऊधमसिंहनगर अजय गणपति के सीधे पर्यवेक्षण और पुलिस अधीक्षक (क्राइम एवं ट्रैफिक) जितेन्द्र चौधरी की अध्यक्षता में नई पुनर्गठित SIT बनाई गई।
ऐसे चल रहा था करोड़ों की ठगी का खेल
एसआईटी जांच में सामने आया है कि आरोपी एक सुव्यवस्थित सिंडिकेट बनाकर जमीन खरीद-फरोख्त, निवेश और प्रॉपर्टी डीलिंग के नाम पर लोगों को जाल में फंसाते थे। पुलिस का दावा है कि यह पूरा नेटवर्क अवैध आर्थिक लाभ कमाने के उद्देश्य से योजनाबद्ध तरीके से काम कर रहा था। 21 मई 2026 को SIT ने कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी धनंजय गिरी को गिरफ्तार किया। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में लगातार दबिश दे रही है।

धारा 111 BNS में कार्रवाई, अवैध संपत्तियां होंगी कुर्क
एसएसपी अजय गणपति ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ धारा 111 BNS (संगठित अपराध) के तहत कठोर कानूनी कार्रवाई की गई है। गिरोह द्वारा अपराध से अर्जित संपत्तियों को चिन्हित कर लिया गया है और उन्हें जब्त करने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है।
पुलिस ने धारा 107 BNSS के तहत कार्रवाई शुरू कर दी है ताकि जब्त संपत्तियों को भविष्य में पीड़ितों के बीच आनुपातिक रूप से वितरित कर उनकी आर्थिक क्षति की भरपाई कराई जा सके।

प्रशासन ने आरोपियों की चिन्हित संपत्तियों के किसी भी प्रकार के हस्तांतरण या बिक्री पर रोक लगाने के लिए जिलाधिकारी नैनीताल को भी पत्र भेजा है। पुलिस का कहना है कि सिंडिकेट से जुड़े हर सदस्य और उनकी बेनामी संपत्तियों की जांच जारी है।
पुनर्गठित SIT की इस कार्रवाई को कुमाऊं क्षेत्र में संगठित भू-माफियाओं के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाइयों में माना जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि किसी भी पीड़ित को न्याय दिलाने में कोई कमी नहीं छोड़ी जाएगी और पूरे नेटवर्क को ध्वस्त किया जाएगा।




















