


| इंडिया नज़र ब्यूरो,रुद्रपुर – रुद्रपुर में एक ही दिन में छह लोगों की मौत से शहर में गमगीन माहौल बन गया। पोस्टमार्टम हाउस में परिजनों के चीत्कार और विलाप से हर किसी की आंखें नम हो गईं। दुर्घटनाओं और संदिग्ध परिस्थितियों में हुई इन मौतों ने कई परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है। पोस्टमार्टम हाउस में समाजसेवी सुशील गाबा पहुंचे और सभी दिवंगतों के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया तथा अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, शिवनगर वार्ड-7 निवासी सचिन राठौर (पुत्र रामानंद) बीती रात वेंडिंग जोन से लौटते समय सब्जी मंडी के पास वाहन अनियंत्रित होकर गिर गए, जिससे उनकी गर्दन गंभीर रूप से कट गई और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। हालांकि परिजनों ने घटना को संदिग्ध बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।
वहीं, आकाश तिवारी (पुत्र सत्येंद्र कुमार) का शव सिडकुल ढाल पर मिला। शव पर चोट के निशान पाए जाने के कारण परिजनों ने हत्या की आशंका जताई है और मामले के खुलासे की मांग की है।
अन्य घटनाओं में ग्राम छतरपुर निवासी परमानंद, तहसील मिलक निवासी फैजान (पुत्र इसरार), जो होटल में कार्य के दौरान छत से गिर गए, जगतपुरा निवासी मोहन सिंह (पुत्र शसर सिंह) तथा एक अज्ञात व्यक्ति की भी अलग-अलग हादसों में मौत हो गई। इन सभी घटनाओं ने क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
समाजसेवी सुशील गाबा ने कहा कि एक साथ इतनी बड़ी संख्या में युवाओं की हादसों और संदिग्ध परिस्थितियों में मौत बेहद चिंताजनक है। एक युवा की असमय मौत पूरे परिवार को मानसिक और आर्थिक रूप से तोड़ देती है।
उन्होंने कहा कि जहां युवाओं को अपनी संगति और सतर्कता पर ध्यान देना चाहिए, वहीं प्रशासन को भी दुर्घटनाओं और अपराधों पर सख्त कार्रवाई करते हुए कानून का प्रभाव मजबूत करना होगा, ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।






















