
– इंडिया नज़र ब्यूरोरूद्रपुर – ‘नशे को ना, जीवन को हाँ’ की थीम पर चल रहा ‘रुद्रपुर अंगेस्ट ड्रग्स’ का जन जागरूकता अभियान तेज़ी से रफ़्तार पकड़ रहा है। इसी कड़ी में वार्ड 33 स्थित शांति विहार कॉलोनी के शिव मंदिर प्रांगण में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें क्षेत्रीय लोगों ने नशा व अवैध गतिविधियों के खिलाफ एकजुट होकर निर्णायक लड़ाई का संकल्प लिया।
बैठक का आयोजन पूर्व छात्रसंघ उपाध्यक्ष नेहा सामंत द्वारा, संचालन वरिष्ठ समाजसेवी विक्रम रावत द्वारा तथा अध्यक्षता वरिष्ठ समाजसेवी कल्याण सिंह परिहार ने की। बैठक में समाजसेवी विक्रम रावत ने खुलासा किया कि शांति विहार क्षेत्र में पहले नशे का प्रभाव सीमित था, लेकिन बीते कुछ समय से शिव मंदिर के समीप रेलवे पटरी के आसपास सूखे नशे के आदी युवाओं की आवाजाही बढ़ गई है। इन युवकों पर न सिर्फ नशा करने, बल्कि नशे के अवैध व्यापार में शामिल होने का भी संदेह है।
बैठक का आयोजन पूर्व छात्रसंघ उपाध्यक्ष नेहा सामंत द्वारा, संचालन वरिष्ठ समाजसेवी विक्रम रावत द्वारा तथा अध्यक्षता वरिष्ठ समाजसेवी कल्याण सिंह परिहार ने की। बैठक में समाजसेवी विक्रम रावत ने खुलासा किया कि शांति विहार क्षेत्र में पहले नशे का प्रभाव सीमित था, लेकिन बीते कुछ समय से शिव मंदिर के समीप रेलवे पटरी के आसपास सूखे नशे के आदी युवाओं की आवाजाही बढ़ गई है। इन युवकों पर न सिर्फ नशा करने, बल्कि नशे के अवैध व्यापार में शामिल होने का भी संदेह है।

उन्होंने बताया कि “इन लोगों को रोकने या समझाने पर ये तुरंत लड़ाई पर उतारू हो जाते हैं और कई बार पत्थरबाजी तक कर देते हैं।”
अध्यक्षता कर रहे वरिष्ठ समाजसेवी कल्याण सिंह परिहार ने कहा कि रेलवे पटरी के आसपास फैली झाड़ियां, झुरमुट और अंधेरा इन नशेबाज़ों व जुआरियों के लिए सुरक्षित ठिकाना बन गया है। उन्होंने चेताया कि “यह नशे का मकड़जाल अब शांति विहार कॉलोनी तक फैलने लगा है, जो बेहद चिंता का विषय है।”
‘रुद्रपुर अंगेस्ट ड्रग्स’ के अध्यक्ष और जाने-माने सामाजिक कार्यकर्ता सुशील गाबा ने बैठक में उपस्थित स्थानीय नागरिकों को संबोधित करते हुए कहा कि समाज में फैल रहे नशे के विरुद्ध एकता ही सबसे बड़ी ताकत है।
उन्होंने कहा कि “नशे के खिलाफ लड़ाई का सिर्फ एक उपाय है एकजुटता और जागरूकता। जब तक हम अपने-अपने क्षेत्रों में कमेटियाँ बनाकर इन हुड़दंगियों का सामूहिक प्रतिरोध नहीं करेंगे, तब तक ये लोग डर का माहौल बनाकर अपना रौब जमाते रहेंगे। अगर हम संगठित हो जाएँगे, तो ये तत्व अपना बोरिया-बिस्तर समेटकर खुद ही भाग जाएंगे।” उन्होंने आगे कहा कि कोई भी अंधकार, उजाले के सामने टिक नहीं सकता।
‘रुद्रपुर अंगेस्ट ड्रग्स’ के संयोजक जगदीश तनेजा ने कहा “यदि हम नशे पर काबू पा लेते हैं तो रुद्रपुर अपराध, दुर्घटनाओं और सामाजिक बुराइयों से मुक्त होकर एक मॉडल शहर बन सकता है। यह जंग हम सबकी है और इस बार रुद्रपुर जीतकर दिखाएगा।”
सुशील गाबा ने कहा कि “नशे के खिलाफ हमारी लड़ाई समाज की हर गली और हर घर की लड़ाई है। किसी भी मोहल्ले में कुछ गिने-चुने लोग पूरा माहौल खराब करते हैं और डर का वातावरण बनाते हैं। लेकिन यदि हम एकजुट होकर खड़े हो जाएँ, तो इन नशा फैलाने वालों की हिम्मत पल भर में टूट जाएगी।
‘रुद्रपुर अंगेस्ट ड्रग्स’ का लक्ष्य है, हमारे बच्चों, युवाओं और परिवारों को नशे के जाल से बचाना। मैं सभी नागरिकों से अपील करता हूँ कि अपने क्षेत्र में कमेटियाँ बनाएं, एकजुट रहें और बुराई का डटकर सामना करें। उजाला हमेशा अंधकार पर विजय पाता है, और रुद्रपुर में भी यही होगा।”























