


– इंडिया नज़र ब्यूरो |
किच्छा — उत्तराखंड के ऊधम सिंह नगर जनपद में हुए त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के नतीजों ने क्षेत्रीय राजनीति की तस्वीर को नया मोड़ दे दिया है। किच्छा विधानसभा क्षेत्र से विधायक और पूर्व स्वास्थ्य मंत्री तिलक राज बेहड़ ने कांग्रेस समर्थित प्रत्याशियों को जीत दिलाकर न केवल भाजपा को तगड़ी चुनौती दी है, बल्कि क्षेत्र में अपनी राजनीतिक पकड़ को और मजबूत कर दिया है।
तीन अहम सीटों पर कांग्रेस की जीत
क्षेत्र की जिन तीन जिला पंचायत सीटों —दोपहरिया, प्रतापपुर और कुरैया — को प्रतिष्ठा का प्रतीक माना जा रहा था, उन पर कांग्रेस समर्थित उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की है। यह जीत इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि भाजपा ने इन सीटों पर कब्जा जमाने के लिए पूरी ताकत झोंक दी थी। पूर्व विधायक राजेश शुक्ला, रुद्रपुर विधायक शिव अरोरा और मेयर विकास शर्मा खुद प्रचार मैदान में उतरे थे और कांग्रेस पर तीखे हमले कर रहे थे।

लेकिन कांग्रेस की तरफ से अकेले मोर्चा संभालते हुए तिलक राज बेहड़ ने इन चुनावों को न केवल रणनीतिक रूप से लड़ा, बल्कि अपने भाषणों और जनसंपर्क के ज़रिए कांग्रेस के विकास मॉडल को प्रभावी ढंग से जनता तक पहुंचाया। जीत दर्ज करने वालो में दोपहरिया से गुरदास कालरा 8331 वोट पाकर विजयी रहे उन्हें 48.25 प्रतिशत वोट मिले। उन्होंने लगभग 1700 वोटो से अपने विपक्षी को पराजित किया, प्रतापपुर से प्रेम प्रकाश आर्य 10080 वोट पाकर विजयी हुए । उन्हें 48.87 प्रतिशत वोट मिले जबकि हॉट सीट कुरैया से सुनीता सिंह को 9031 वोट पाकर विजयी रही। उन्होंने 39.63 प्रतिशत वोट मिले।
विजय के बाद विधायक तिलक राज बेहड़ ने प्रेस से बात करते हुए कहा “कांग्रेस ने हमेशा आम जनता की आवाज़ सुनी है। हमने जाति, धर्म और दलीय सीमाओं से ऊपर उठकर केवल विकास को अपना मुद्दा बनाया। मतदाताओं ने हमारी नीयत और नीति पर भरोसा जताया और हमारे उम्मीदवारों को विजयी बनाया। मैं क्षेत्र की जनता का तहेदिल से आभार प्रकट करता हूं।”
“हमारे विजयी जिला पंचायत सदस्य अब क्षेत्र में विकास की नई इबारत लिखेंगे। कांग्रेस का संकल्प है कि गांव-गांव तक मूलभूत सुविधाएं पहुंचे, युवाओं को रोजगार के अवसर मिलें और आमजन का जीवन स्तर सुधरे। हम इस दिशा में ईमानदारी से काम करेंगे।”
यह चुनाव भाजपा के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है, क्योंकि उसके दिग्गज नेता और जनप्रतिनिधि पूरी ताकत के साथ प्रचार में जुटे थे। लेकिन नतीजों ने साफ कर दिया कि जनता अब विकास को ही असली मुद्दा मान रही है और जाति-धर्म की राजनीति को नकार रही है।
विश्लेषकों का मानना है कि ये परिणाम किच्छा क्षेत्र में आने वाले विधानसभा चुनावों की दिशा भी तय कर सकते हैं। तिलक राज बेहड़ की यह जीत कांग्रेस के लिए मनोबल बढ़ाने वाली है और पार्टी की जमीनी पकड़ को दर्शाती है।
तिलक राज बेहड़ ने यह सिद्ध कर दिया कि अगर नेतृत्व में नीयत साफ हो और मुद्दे जनता से जुड़े हों, तो किसी भी चुनौती को मात दी जा सकती है। किच्छा की यह जीत कांग्रेस के लिए न केवल एक स्थानीय विजय है, बल्कि आने वाले राजनीतिक संघर्षों की संभावनाओं को भी मजबूत करती है।






















