

किच्छा – शासन द्वारा उत्तराखंड में नगर निकायों के आरक्षण की सूची जारी कर दी गई है, जिसमे से चवालीस नगर पालिकाओ में से 43 नगर पालिकाओं का आरक्षण कर दिया गया है, लेकिन इसमें से सिर्फ एक नगर पालिका किच्छा को आरक्षण से अलग रखा गया है। इसका कारण कानूनी बताया जा रहा है।

अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि किच्छा नगर पालिका का चुनाव होगा भी या नहीं ? हालांकि अभी आरक्षण की आपत्तियों को लेकर शासन द्वारा एक सप्ताह का समय दिया गया है। आपत्तियों के बाद इसपर फैसला होगा और चुनाव की अचार संहिता लगाईं जायेगी।
किच्छा को नगर निकाय आरक्षण से अलग रखने से अध्यक्ष और वार्ड सदस्य बनने का सपना देखने वालो का सपना चकनाचूर हो गया है। पिछले काफी समय से चुनाव का इंतज़ार देख रहे काफी नेता मायूस है और सरकार के अगले कदम का इंतेज़ार कर रहे है। साथ ही इसको लेकर राजनीतिक चर्चाये भी शुरू हो गई है।

आपको बता दे कि किच्छा नगर पालिका क्षेत्र से सिरोली कला को अलग किये जाने के खिलाफ एक वाद हाई कोर्ट नैनीताल में विचाराधीन है। जिसमे हाई कोर्ट द्वारा सिरौली कला को नगर पालिका क्षेत्र से अलग करने के खिलाफ स्थगन आदेश दिया गया है। जिसकी अगली सुनवाई जनवरी माह में होनी है। ऐसे में कोर्ट के आदेश, निर्देश के बिना यहां चुनाव संभव नहीं लग रहा है।
अब यह तो स्पष्ट लग रहा है कि राज्य में चुनाव संपन्न होने के बाद ही किच्छा नगर पालिका के चुनाव के भविष्य का फैसला होगा और इसके आरक्षण का भी निर्णय होगा। तब तक चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों को इंतेज़ार करना पडेगा।






















