

– अभियुक्तों की निशादेही पर मृतक का जमीन में गड़ा शव बरामद।
– रुद्रपुर पुलिस ने चार आरोपियों को किया गिरफ्तार।
– पत्नी ने ही दर्ज करवाई थी अपने पति की गुमशुदगी।
रुद्रपुर – जिस पत्नी ने अपने पति की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई थी, वो ही अपने पति की हत्या कराने में शामिल निकली। प्रेम में अंधी होकर इस बेवफा पत्नी ने ऐसी बेवफाई दिखाई कि उसने ही अपने प्रेमी से मिलकर अपने पति की हत्या करा दे थी। इस मामले में एसएसपी मणिकांत मिश्रा ने खुलासा कर दिया। पुलिस ने इस मामले में पत्नी सहित चार लोगो को गिरफ्तार किया है।

पिछले नौ दिनों से लापता ऑटो चालक 24 वर्षीय सुमित श्रीवास्तव का शव पुलिस ने हत्यारो की निशानदेही पर प्रीत विहार नदी किनारे से एक बोरे से बरामद कर लिया। घटना स्थल पर पुलिस के साथ फोरेंसिक टीम ने भी निरीक्षण करके साक्ष्य जमा किये।
आपको बता दे कि विगत 16 नवम्बर को अपने लापता पति सुमित श्रीवास्तव के लापता होने पर उसकी पत्नी रेनू ने रिपोर्ट दर्ज करवाई थी कि उसका पति 14 नवम्बर की रात्रि से गायब है। पुलिस ने जब इस तहरीर की जांच की तो इस पूरे मामले का खुलासा हुआ और यह हत्या ‘प्रेम प्रसंग’ से जुड़ा निकला और पति की हत्या की शाजिश की सूत्रधार निकली।

सबसे ताज्जुब की बात तो यह है कि रेनू और सुमित श्रीवास्तव के बीच भी प्रेम प्रसंग था और उनकी ‘लव मैरिज’ हुई थी। इसका एक पांच साल का बेटा भी है। लेकिन बेवफा पत्नी ने अपने पहले प्यार को धोखा देकर नया प्रेम प्रसंग जोड़ लिया और अपने पति के साथ विश्वासघात करके अपने पति की हत्या करवा डाली। अब इसकी सजा इसे कानून देगा, लेकिन सबसे बड़ी सजा मासूम बच्चे को मिली है, जिसका पिता का साया चला गया और माँ कातिल बन कर जेल चली गई।
एसएसपी मणिकांत मिश्रा ने इस हत्याकांड का खुलासा करते हुये बताया कि लापता ऑटो चालक मृतक सुमित श्रीवास्तव की हत्या पत्नी के प्रेम प्रसंग के कारण की गई। पत्नी ने प्रेमी के साथ मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया।
इस मामले के खुलासे के लिये पुलिस टीम ने सीसीटीवी कैमरों और संदिग्धों से पूछताछ की तथा सर्विलांस की मदद ली गई। जिसके आधार पर संदिग्ध गणेश से पूछताछ की गई, परन्तु गणेश लगातार पुलिस को गुमराह करता रहा। गणेश से सख्ती से पूछताछ की गई तो गणेश पुलिस की सख्ती से टूट गया और उसने सुमित की पत्नी रेनू के प्यार में पड़कर रेनू के कहने पर अपने साथियों वंश, दीपक, शिवम, गोविन्दा के साथ मिलकर सुमित की गला दबाकर हत्या करना और उसका शव प्रीत विहार से आगे कल्याणी नदी के पास खेत में गडडा खोदकर दबा देने की बात स्वीकार की।

पुलिस द्वारा वंश, दीपक, तथा सुमित की पत्नी रेनू से विस्तृत पूछताछ की सभी ने अपने अपराध को स्वीकारा गया तत्पश्चात पुलिस अभियुक्तों की निशादेही पर गडडे में दफनाये गये शव को निकालकर बरामद किया गया। शव को कब्जे में लेकर पंचनामा/पोस्टमार्टम की कार्यवाही की गई। अभियुक्तों के विरुद्ध धारा 103 (A), 238 भारतीय न्याय संहिता की की गई। इस मामले में गणेश चन्द्रा, वंश, दीपक और रेनू को गिरफ्तार किया गया है। जबकि गोविन्दा और शिवम उर्फ जुडी अभी फरार है। जिनकी पुलिस तलाश कर रही है।
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”इस हत्याकांड का खुलासा कराने में पूर्व विधायक राज कुमार ठुकराल और उनके भाई संजय ठुकराल ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और पुलिस कातिलों तक पहुंच गई। राज कुमार ठुकराल ने इस मामले में कोतवाली में धरना प्रदर्शन करके कोतवाल का घेराव किया था। राज कुमार ठुकराल का कहना है कि यह घटना दुखद है, मृतक के परिवार के साथ पूरी सहानुभूति है।”





















