– सुरेंद्र गिरधर
रूद्रपुर – अपने पुत्र की निर्मम हत्या व पत्नी को गम्भीर रूप से घायल करने वाले आरोपी
को प्रथम अपर जिला एंव सत्र न्यायाधीश सुशील तोमर ने शुक्रवार को उम्र कैद की सजा सुना दी, साथ ही हजारों रूपयों का जुर्माना भी लगाया है।
को प्रथम अपर जिला एंव सत्र न्यायाधीश सुशील तोमर ने शुक्रवार को उम्र कैद की सजा सुना दी, साथ ही हजारों रूपयों का जुर्माना भी लगाया है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता दीपक अरोरा ने बताया कि ग्राम एचिता निवासी पानदेव अटवाल ने 14 फरवरी 2014 को थाना नानकमत्ता में तहरीर देते हुये कहा था कि उसने 8 वर्ष पूर्व अपनी पुत्री चम्पा देवी का विवाह ग्राम बिरिया मझोला (दुगाडी गोठ) थाना खटीमा निवासी ललित मोहन भट्ट पुत्र स्व0मथुरा दत्त भटट के साथ किया था,उनके 3 पुत्र हैं। ललित मोहन काफी झगडालू व बदमाश किस्म का व्यक्ति है। जो आये दिन झगडा- फसाद व मारपीट करता रहता है तथा अपनी पत्नी व बच्चों से भी आये दिन छोटी छोटी बातों को लेकर मारपीट करता रहता है, हमने कई बार समझाया कि वह अपने बच्चों व पत्नी के साथ मारपीट ना करे परन्तु वह अपनी हरकतों से बाज नही आता था।
बीते 13 फरवरी 2014 की रात करीब 9 बजे ललित मोहन भट्ट ने मामूली सी बात पर पत्नी चम्पा देवी व मझले बेटे नीरज को बुरी तरह से मारना शुरू कर दिया मना करने पर हसिंया से जानलेवा हमला कर बेटे को जान से मार दिया और पत्नी को गंभीर रूप से घायल कर दिया। पत्नी के शोर मचाने पर पडोस में रहने वाले त्रिलोचन भट्ट,लक्ष्मी दत्त उपाध्याय,नारायण दत्त भट्ट,प्रेम बल्लभ भट्ट,श्रीमती ईश्वरी देवी भट्ट आदि आ गये, जिनको आते देख ललित मोहन भट्ट खून से सना हंसिया लेकर जंगल में भाग गया, चम्पा का अस्पताल में इलाज चल रहा था।
बीते 13 फरवरी 2014 की रात करीब 9 बजे ललित मोहन भट्ट ने मामूली सी बात पर पत्नी चम्पा देवी व मझले बेटे नीरज को बुरी तरह से मारना शुरू कर दिया मना करने पर हसिंया से जानलेवा हमला कर बेटे को जान से मार दिया और पत्नी को गंभीर रूप से घायल कर दिया। पत्नी के शोर मचाने पर पडोस में रहने वाले त्रिलोचन भट्ट,लक्ष्मी दत्त उपाध्याय,नारायण दत्त भट्ट,प्रेम बल्लभ भट्ट,श्रीमती ईश्वरी देवी भट्ट आदि आ गये, जिनको आते देख ललित मोहन भट्ट खून से सना हंसिया लेकर जंगल में भाग गया, चम्पा का अस्पताल में इलाज चल रहा था।
पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर हत्या आरोपी की तलाश शुरू कर दी और घटना के अगले दिन ही गिरफ्तार कर लिया तथा उसकी निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त आला कत्ल हंसिया भी बरामद कर लिया गया। उसके विरुद्ध प्रथम अपर जिला एंव सत्र न्यायाधीश सुशील तोमर की कोर्ट में मुकदमा चला, अभियोजन की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता दीपक अरोऱा द्वारा 11 गवाह प्रस्तुत कर आरोप सिद्ध कर दिया,जिसके बाद प्रथम अपर जिला एंव सत्र न्यायाधीश सुशील तोमर द्वारा अभियुक्त को धारा 302 में आजीवन कारावास एंव धारा 325 में 5 वर्ष के कठोर कारावास तथा 3000 रूपये अर्थदंड की सजा सुनाकर जेल भेज दिया गया।





















