– महाराणा प्रताप चौक से डीडी चौक तक निकली यात्रा, विधायक बोले—दलित राष्ट्रीय अध्यक्ष के कार्यक्रम स्थल का शुद्धिकरण भाजपा की मानसिकता को दर्शाता है
– इंडिया नजर ब्यूरो | किच्छा। हल्द्वानी में बीती 8 अगस्त को कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की जनसभा के बाद जनसभा स्थल के कथित शुद्धिकरण को लेकर राजनीतिक विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। इस मामले को लेकर कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं में आक्रोश है। इसी क्रम में किच्छा विधायक तिलक राज बेहड़ के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध यात्रा निकालकर शुद्धिकरण की घटना के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया।
विरोध यात्रा महाराणा प्रताप चौक से शुरू होकर डीडी चौक तक पहुंची। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाजपा के खिलाफ नारेबाजी करते हुए शुद्धिकरण की घटना को सामाजिक समरसता और संविधान की भावना के विपरीत बताया। विधायक तिलक राज बेहड़ ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में किसी भी राजनीतिक दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष के कार्यक्रम के बाद इस तरह की कार्रवाई किया जाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।

विधायक बेहड़ ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे एक वरिष्ठ दलित नेता हैं और देश के प्रमुख संवैधानिक एवं लोकतांत्रिक राजनीतिक व्यक्तित्वों में शामिल हैं। उनके कार्यक्रम स्थल का शुद्धिकरण किया जाना केवल एक व्यक्ति का अपमान नहीं, बल्कि सामाजिक बराबरी और लोकतांत्रिक मूल्यों पर भी सवाल खड़ा करता है।
विरोध यात्रा के दौरान विधायक तिलक राज बेहड़ ने कहा कि भाजपा ने इस घटना के माध्यम से अपनी कथित मानसिकता को जनता के सामने उजागर कर दिया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस हमेशा सामाजिक न्याय, समानता और भाईचारे की बात करती रही है, जबकि भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं द्वारा कथित तौर पर की गई शुद्धिकरण की कार्रवाई समाज को बांटने वाली सोच को दर्शाती है।
विधायक बेहड़ का कहना है कि “मल्लिकार्जुन खड़गे जी देश के वरिष्ठ नेता और कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। वे एक दलित समाज से आने वाले व्यक्ति हैं। हल्द्वानी में उनके कार्यक्रम के बाद जिस तरह जनसभा स्थल का शुद्धिकरण किया गया, वह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है। यह केवल खड़गे जी का अपमान नहीं है, बल्कि यह उस सोच को दर्शाता है जो समाज में बराबरी और भाईचारे के बजाय भेदभाव को बढ़ावा देती है।”
उन्होंने कहा, “भाजपा को यह स्पष्ट करना चाहिए कि आखिर लोकतंत्र में किसी राजनीतिक दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष के कार्यक्रम के बाद कार्यक्रम स्थल को शुद्ध करने की जरूरत क्यों पड़ी। क्या भाजपा संविधान में विश्वास करती है या जातिगत भेदभाव की उस मानसिकता में, जिसे देश दशकों पहले पीछे छोड़ चुका है?”
बेहड़ ने कहा कि कांग्रेस सामाजिक समानता और संविधान की रक्षा के लिए हमेशा मजबूती से खड़ी रही है। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर ने जिस संविधान के माध्यम से प्रत्येक नागरिक को समान अधिकार दिए, उस संविधान की भावना के खिलाफ होने वाली किसी भी गतिविधि का कांग्रेस विरोध करती रहेगी।
विरोध यात्रा में शामिल कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कहा कि देश में लोकतंत्र की मजबूती के लिए राजनीतिक मतभेदों का सम्मान होना चाहिए। किसी नेता की विचारधारा से असहमति हो सकती है, लेकिन जाति के आधार पर किसी व्यक्ति या उसके कार्यक्रम को लेकर भेदभावपूर्ण व्यवहार स्वीकार नहीं किया जा सकता।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कहा कि शुद्धिकरण की घटना ने सामाजिक सौहार्द को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने मांग की कि भाजपा नेतृत्व इस मामले पर अपना स्पष्ट रुख जनता के सामने रखे और सामाजिक विभाजन पैदा करने वाली गतिविधियों से दूरी बनाए।
विरोध यात्रा के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने संविधान और सामाजिक समानता के पक्ष में नारे लगाए। यात्रा के समापन पर विधायक तिलक राज बेहड़ ने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता समाज में भाईचारा, समानता और सम्मान की भावना को मजबूत करने के लिए लगातार आवाज उठाते रहेंगे।




















