– जनसंपर्क के दौरान असहाय बुजुर्ग महिला की पीड़ा सुन भावुक हुए पूर्व विधायक, तुरंत पहुंचाया अस्पताल
– इंडिया नज़र ब्यूरो | किच्छा – राजनीति में अक्सर विकास और घोषणाओं की चर्चा होती है, लेकिन कभी-कभी कुछ ऐसे पल सामने आते हैं जो जनसेवा की असली तस्वीर दिखा देते हैं। किच्छा में ऐसा ही एक भावुक और प्रेरणादायक दृश्य देखने को मिला, जब पूर्व विधायक राजेश शुक्ला ने एक असहाय वृद्ध महिला की मदद कर मानवता और संवेदनशीलता की मिसाल पेश की।
पूर्व विधायक राजेश शुक्ला अपने नियमित प्रातःकालीन जनसंपर्क अभियान के तहत प्रतापपुर कॉलोनी में क्षेत्रवासियों की समस्याएं सुन रहे थे। इसी दौरान लगभग 70 वर्षीय वृद्ध महिला रामवती पत्नी श्रीकृष्ण कुमार कांपते कदमों और नम आंखों के साथ उनके पास पहुंचीं।

रामवती ने बताया कि वह पिछले कई दिनों से गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रही हैं और चलने-फिरने में भी असमर्थ हैं। अचानक तबीयत ज्यादा बिगड़ जाने से उन्हें तत्काल अस्पताल जाने की जरूरत थी, लेकिन उनका कोई सहारा नहीं था। उन्होंने भर्राए गले से बताया कि उनके बेटे मजदूरी के लिए बाहर गए हुए हैं और घर पर केवल उनके बुजुर्ग पति हैं, जो स्वयं उनकी मदद करने की स्थिति में नहीं हैं।
वृद्धा की बेबसी और दर्द सुनकर वहां मौजूद लोग भी भावुक हो उठे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पूर्व विधायक राजेश शुक्ला ने बिना एक पल गंवाए स्वयं महिला को अपनी गाड़ी में बैठाया और सीधे जिला अस्पताल पहुंच गए।
अस्पताल पहुंचकर उन्होंने चिकित्साधीक्षक डॉ. मनोज तिवारी से संपर्क कर महिला की स्थिति की जानकारी दी। डॉक्टरों ने तुरंत वृद्ध महिला का स्वास्थ्य परीक्षण कर आवश्यक उपचार शुरू कराया और बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराईं।
इस दौरान पूर्व विधायक राजेश शुक्ला ने कहा कि जनप्रतिनिधि होने का अर्थ केवल विकास कार्य कराना नहीं, बल्कि जनता के सुख-दुख में उनके साथ खड़ा होना भी है।
उन्होंने कहा, “जनता की सेवा ही मेरे जीवन का उद्देश्य है। क्षेत्र का कोई भी व्यक्ति स्वयं को अकेला न समझे। बुजुर्गों, जरूरतमंदों और असहाय लोगों की सहायता करना हम सभी का नैतिक दायित्व है। जब तक मैं हूं, क्षेत्र की जनता के हर सुख-दुख में उनके साथ खड़ा रहूंगा।”
इस मानवीय पहल की क्षेत्र में व्यापक सराहना हो रही है। लोगों का कहना है कि आज के दौर में जब कई लोग दूसरों की परेशानी देखकर भी अनदेखा कर देते हैं, ऐसे समय में एक जनप्रतिनिधि का स्वयं आगे बढ़कर एक असहाय बुजुर्ग महिला को अस्पताल पहुंचाना वास्तव में जनसेवा और मानवता का जीवंत उदाहरण है।




















