


– गरीब परिवारों को राहत देने की पहल, स्टांप ड्यूटी माफ करने का रखा प्रस्ताव – न्यायालय में लंबित मामलों के जल्द समाधान की भी उठाई मांग
– इंडिया नज़र ब्यूरो
रुद्रपुर | नजूल भूमि पर निवास कर रहे गरीब परिवारों को राहत दिलाने की दिशा में रुद्रपुर विधायक शिव अरोरा ने अहम पहल की है। विधायक ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को पत्र सौंपकर नजूल भूमि के मालिकाना हक की रजिस्ट्री पर लगने वाली स्टांप ड्यूटी को निशुल्क किए जाने का प्रस्ताव रखा है।
विधायक शिव अरोरा ने बताया कि मलिन बस्तियों में नजूल भूमि पर रहने वाले हजारों अति निर्धन परिवारों को सरकार की ओर से पहले ही मालिकाना हक दिया जा चुका है। अब इन परिवारों को रजिस्ट्री कराने में आर्थिक बोझ न उठाना पड़े, इसके लिए स्टांप ड्यूटी को पूरी तरह निशुल्क करने का प्रस्ताव मुख्यमंत्री के समक्ष रखा गया है।
– इंडिया नज़र ब्यूरोरुद्रपुर | नजूल भूमि पर निवास कर रहे गरीब परिवारों को राहत दिलाने की दिशा में रुद्रपुर विधायक शिव अरोरा ने अहम पहल की है। विधायक ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को पत्र सौंपकर नजूल भूमि के मालिकाना हक की रजिस्ट्री पर लगने वाली स्टांप ड्यूटी को निशुल्क किए जाने का प्रस्ताव रखा है।
विधायक शिव अरोरा ने बताया कि मलिन बस्तियों में नजूल भूमि पर रहने वाले हजारों अति निर्धन परिवारों को सरकार की ओर से पहले ही मालिकाना हक दिया जा चुका है। अब इन परिवारों को रजिस्ट्री कराने में आर्थिक बोझ न उठाना पड़े, इसके लिए स्टांप ड्यूटी को पूरी तरह निशुल्क करने का प्रस्ताव मुख्यमंत्री के समक्ष रखा गया है।

उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस विषय को गंभीरता से लेते हुए तुरंत सचिव आवास और सचिव वित्त को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं, ताकि इस प्रस्ताव पर जल्द निर्णय लिया जा सके और गरीब परिवारों को राहत मिल सके।
विधायक ने यह भी कहा कि सरकार ने नजूल भूमि पर रहने वाले लोगों को मालिकाना हक देकर अपना संकल्प पहले ही पूरा किया है और अब प्रयास है कि इन परिवारों की रजिस्ट्री भी बिना किसी शुल्क के कराई जाए, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को बड़ी राहत मिल सके।
विधायक शिव अरोरा का कहना है कि “हमारी सरकार ने वर्षों से रुद्रपुर में नजूल भूमि पर रह रहे 3500 से अधिक अति निर्धन परिवारों को मालिकाना हक का पट्टा देकर जनहित में अपनी मंशा स्पष्ट की है। अब हमारा प्रयास है कि इन परिवारों की रजिस्ट्री भी निशुल्क कराई जाए, ताकि गरीबों पर किसी प्रकार का आर्थिक बोझ न पड़े। साथ ही जो मामले माननीय न्यायालय में लंबित हैं, उनमें सरकार मजबूत पैरवी कर जल्द समाधान निकाले, जिससे भविष्य में 50 वर्ग मीटर से नीचे आने वाले सभी पात्र परिवारों को मालिकाना हक मिल सके।”






















