


| इंडिया नज़र ब्यूरो,किच्छा – विधायक तिलक राज बेहड़ ने विधानसभा में नियम-58 के अंतर्गत जनहित का एक महत्वपूर्ण मुद्दा उठाते हुए किच्छा स्थित राजकीय महाविद्यालय का नाम संविधान निर्माता भीमराव अम्बेडकर के नाम पर रखने की मांग की।
विधायक बेहड़ ने सदन में कहा कि उत्तराखंड में वर्तमान समय में लगभग 118 राजकीय महाविद्यालय संचालित हो रहे हैं, जिनमें से करीब 24 महाविद्यालयों के नाम समय-समय पर विभिन्न महापुरुषों के नाम पर बदले गए हैं। इसके बावजूद आज तक प्रदेश में एक भी राजकीय महाविद्यालय का नाम बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के नाम पर नहीं रखा गया है, जो चिंता का विषय है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश की कुल जनसंख्या में लगभग 19 प्रतिशत अनुसूचित जाति, 4 प्रतिशत अनुसूचित जनजाति और लगभग 16 प्रतिशत पिछड़ा वर्ग की आबादी निवास करती है। ऐसे में संविधान निर्माता बाबा साहेब के नाम पर एक महाविद्यालय होना सामाजिक सम्मान और समानता का प्रतीक होगा।
विधायक बेहड़ ने बताया कि इस संबंध में उन्होंने 9 जनवरी 2023 को मुख्यमंत्री तथा उच्च शिक्षा मंत्री को पत्र लिखकर किच्छा स्थित राजकीय महाविद्यालय का नाम बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के नाम पर रखने की मांग की थी। उन्होंने कहा कि इस विषय में शिक्षा निदेशालय से प्रस्ताव भी मंगवाया गया है और उनकी जानकारी के अनुसार निदेशालय द्वारा भी किच्छा महाविद्यालय का नाम बाबा साहेब के नाम पर रखने की संस्तुति की गई है।
सदन में विधायक बेहड़ ने कहा कि यह अत्यंत लोकमहत्व का विषय है और यदि उत्तराखंड में बाबा साहेब के नाम से एक महाविद्यालय होगा तो इससे समाज में सकारात्मक संदेश जाएगा और उनके अनुयायियों में सम्मान की भावना बढ़ेगी। उन्होंने इस मुद्दे पर सदन की कार्यवाही रोककर चर्चा कराने की मांग भी की, जिसका नेता प्रतिपक्ष Yashpal Arya ने समर्थन किया।
इस पर उच्च शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत ने जवाब देते हुए कहा कि इस मामले में जिलाधिकारी और शिक्षा निदेशालय से आख्या मांगी गई है। जिलाधिकारी से स्पष्ट रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद सरकार द्वारा नाम परिवर्तन के विषय में निर्णय लिया जाएगा।
वहीं कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने भी कहा कि सरकार ने बाबा साहेब के नाम पर महाविद्यालय का नाम रखने से इंकार नहीं किया है और सभी आवश्यक आख्या प्राप्त होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
इस पर विधायक बेहड़ ने कहा कि उन्हें इस विषय में पत्र लिखे तीन वर्ष से अधिक समय हो चुका है, लेकिन सरकार का रवैया अभी भी “देखेंगे और करेंगे” जैसा बना हुआ है। उन्होंने कहा कि देशभर में कई संस्थान बाबा साहेब के नाम पर संचालित हो रहे हैं, ऐसे में उत्तराखंड के 118 राजकीय महाविद्यालयों में से कम से कम एक महाविद्यालय का नाम उनके नाम पर रखा जाना चाहिए। उन्होंने सरकार से बड़ा दिल दिखाते हुए सदन में ही इसकी घोषणा करने की मांग की।
जवाब में उच्च शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत ने कहा कि प्रदेश में बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के नाम पर दो महाविद्यालय बनाए जाएंगे। हालांकि यह निर्णय सरकार करेगी कि किन महाविद्यालयों का नाम इस रूप में रखा जाएगा।






















