– रुपये डबल करने का झांसा देकर ग्रामीणों से वसूले करोड़ों
– ठगी की रकम से बनाए आलीशान मकान, खरीदीं महंगी गाड़ियां
– कोतवाली आईटीआई पुलिस की त्वरित कार्रवाई, गिरोह का पर्दाफाश
– इंडिया नज़र ब्यूरो |
– ठगी की रकम से बनाए आलीशान मकान, खरीदीं महंगी गाड़ियां
– कोतवाली आईटीआई पुलिस की त्वरित कार्रवाई, गिरोह का पर्दाफाश
रुद्रपुर – ऊधमसिंहनगर पुलिस ने अंधविश्वास के नाम पर चल रहे बड़े ठगी रैकेट का खुलासा करते हुए तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति के निर्देशन में की गई इस कार्रवाई में ‘जिन्न, जिन्नात’ के नाम पर लोगों को पैसे डबल करने का लालच देकर लगभग डेढ़ करोड़ रुपये से अधिक की ठगी का मामला सामने आया है।
कोतवाली आईटीआई में 16 फरवरी को बांसखेड़ा निवासी शकील अहमद ने तहरीर देकर बताया कि गांव के सरताज अली उर्फ कादरी बाबा, शफीक अहमद और मो. आरिफ लोगों को यह विश्वास दिलाते थे कि सरताज अली पर “जिन्नात” आता है, जो पैसे डबल कर देता है।
करीब एक वर्ष पूर्व आयोजित एक धार्मिक जलसे के दौरान मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे सरताज अली ने धार्मिक तकरीरों के माध्यम से ग्रामीणों को प्रभावित किया और बाद में विभिन्न “निवेश योजनाएं” शुरू कर दीं।
कोतवाली आईटीआई में 16 फरवरी को बांसखेड़ा निवासी शकील अहमद ने तहरीर देकर बताया कि गांव के सरताज अली उर्फ कादरी बाबा, शफीक अहमद और मो. आरिफ लोगों को यह विश्वास दिलाते थे कि सरताज अली पर “जिन्नात” आता है, जो पैसे डबल कर देता है।
करीब एक वर्ष पूर्व आयोजित एक धार्मिक जलसे के दौरान मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे सरताज अली ने धार्मिक तकरीरों के माध्यम से ग्रामीणों को प्रभावित किया और बाद में विभिन्न “निवेश योजनाएं” शुरू कर दीं।
इन ठगो द्वारा चलाई जा रही कथित स्कीमो में 15,500 प्रतिमाह जमा करने पर 40 दिन बाद 20,000 प्रतिमाह देने का वादा, कामगारों के लिए 25,500 की योजना, विधवाओं के लिए 6,500 की योजना, बच्चियों के नाम पर 12,500 की योजना शामिल है। अभियुक्तों के सहयोगी घर-घर जाकर प्रचार करते थे कि बाबा से जुड़े लोगों के पास “जिन्नात” के जरिए लगातार धन आ रहा है, जिससे उन्होंने प्लॉट, मकान और महंगी गाड़ियां खरीदी हैं।
पुलिस की जांच में सामने आया कि आरोपियों ने लगभग डेढ़ करोड़ रुपये से अधिक की रकम एकत्र की। जिसमे शफीक ने लगभग 20 लाख की लागत से मकान और एक बलेनो कार खरीदी। मो. आरिफ ने करीब 10 लाख का प्लॉट खरीदा। सरताज अली ने ग्राम धीमरखेड़ा में प्लॉट लेकर मकान निर्माण कराया और बोलेरो वाहन खरीदा। अन्य सहयोगियों द्वारा भी प्लॉट और स्कॉर्पियो/हाई-राइडर जैसे वाहन खरीदने की जानकारी मिली है। जब पीड़ितों ने अपनी धनराशि वापस मांगी तो उन्हें गाली-गलौच और जान से मारने की धमकी दी गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना आईटीआई में FIR संख्या 42/2026 धारा 318(4), 351(2), 352, 61(2) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। अभियोग दर्ज होने की भनक लगते ही आरोपी घरों में ताला लगाकर उत्तर प्रदेश फरार हो गए। पुलिस ने विशेष टीम गठित कर 17 फरवरी को जिला रामपुर (उ.प्र.) से सरताज अली उर्फ कादरी बाबा, शफीक और आरिफ को गिरफ्तार किया। इस मामले में 18 फरवरी 2026 को आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया।
गहन पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने सुनियोजित षड्यंत्र के तहत “जिन्न, जिन्नात” के नाम पर अंधविश्वास फैलाकर ग्रामीणों की जीवन भर की जमा पूंजी हड़प ली। मामले में अन्य संदिग्धों की तलाश जारी है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति ने आमजन से अपील की है कि किसी भी प्रकार के अंधविश्वास, रुपये डबल करने या अवास्तविक लाभ देने वाली योजनाओं के झांसे में न आएं। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत नजदीकी थाना या पुलिस कंट्रोल रूम को दें।
पुलिस की जांच में सामने आया कि आरोपियों ने लगभग डेढ़ करोड़ रुपये से अधिक की रकम एकत्र की। जिसमे शफीक ने लगभग 20 लाख की लागत से मकान और एक बलेनो कार खरीदी। मो. आरिफ ने करीब 10 लाख का प्लॉट खरीदा। सरताज अली ने ग्राम धीमरखेड़ा में प्लॉट लेकर मकान निर्माण कराया और बोलेरो वाहन खरीदा। अन्य सहयोगियों द्वारा भी प्लॉट और स्कॉर्पियो/हाई-राइडर जैसे वाहन खरीदने की जानकारी मिली है। जब पीड़ितों ने अपनी धनराशि वापस मांगी तो उन्हें गाली-गलौच और जान से मारने की धमकी दी गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना आईटीआई में FIR संख्या 42/2026 धारा 318(4), 351(2), 352, 61(2) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। अभियोग दर्ज होने की भनक लगते ही आरोपी घरों में ताला लगाकर उत्तर प्रदेश फरार हो गए। पुलिस ने विशेष टीम गठित कर 17 फरवरी को जिला रामपुर (उ.प्र.) से सरताज अली उर्फ कादरी बाबा, शफीक और आरिफ को गिरफ्तार किया। इस मामले में 18 फरवरी 2026 को आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया।
गहन पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने सुनियोजित षड्यंत्र के तहत “जिन्न, जिन्नात” के नाम पर अंधविश्वास फैलाकर ग्रामीणों की जीवन भर की जमा पूंजी हड़प ली। मामले में अन्य संदिग्धों की तलाश जारी है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति ने आमजन से अपील की है कि किसी भी प्रकार के अंधविश्वास, रुपये डबल करने या अवास्तविक लाभ देने वाली योजनाओं के झांसे में न आएं। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत नजदीकी थाना या पुलिस कंट्रोल रूम को दें।























